भारत को मिला एमटीसीआर में प्रवेश तो चीन की म‍ीडिया ने निकाली भड़ास

Jun 28, 2016

बीजिंग। जब तक भारत को न्यूक्लियर सप्लायर्स ग्रुप में एंट्री नहीं मिली थी तब तक चीन और इसका मीडिया शांत था। जैसे भारत को एमटीसीआर यानी मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रिजाइम में एंट्री मिली मीडिया ने अपनी भड़ास निकालनी शुरू कर दी। चीन की मीडिया भारत के लोगों को आत्मकेंद्रित और पाखंडी करार दिया है। चीन के सरकारी न्यूज पेपर ग्लोबल टाइम्स की ओर से यह टिप्पणी की गई हैं।

चीन को अभी तक एमटीसीआर में एंट्री नहीं

चीन अभी तक इस ग्रुप का हिस्सा नहीं है और ऐसे में मीडिया का यह कमेंट लाजमी लगता है। चीन को अगर एमटीसीआर में एंट्री नहीं मिली है तो इसकी वजह है अपने मिसाइल कार्यक्रमों को सझा ना करना। मीडिया का यह कमेंट तब आया जब भारत एमटीसीआर का 35वां सदस्य बन गया।

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भारतीयों में नैतिकता की कमी

ग्लोबल टाइम्स के एडिटोरियल में भारतीयों के लिए आत्मकेंद्रित के अलावा यह भी कहा गया है कि उनमें नैतिकता की कमी है। इस न्यूजपेपर में एनएसजी की सदस्यता हासिल करने में भारत की असफलता पर चर्चा हुई है। इसमें यह भी बताया गया है कि किस तरह भारतीय मीडिया और भारत सरकार ने चीन को भारत की एनएसजी सदस्यता की राह में सबसे बड़ा रोड़ा बताया है।

अमेरिका पूरी दुनिया नहीं

सिर्फ इतना ही नहीं ग्लोबल टाइम्स में लिखा है कि भारत नआजकल पश्चिमी देशों की चमचागिरी करने में लगा हुआ है। इसी चमचागिरी का नतीजा है कि अमेरिका, फ्रांस, कनाडा और कुछ अन्य देशों ने भारत की एनएसजी सदस्यता को समर्थन दिया है।

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ग्लोबल टाइम्स के मुताबिक अमेरिका पूरी दुनिया नहीं है। भारत को समझना होगा कि अमेरिका का भारत के पक्ष में होने का मतलब यह नहीं है कि पूरी दुनिया भारत का समर्थन करती है।

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