‘फ्रीडम 251’ धोखाधड़ी : निदेशक मोहित गोयल गिरफ्तार

Feb 25, 2017
‘फ्रीडम 251’ धोखाधड़ी : निदेशक मोहित गोयल गिरफ्तार

नोएडा की रिंगिंग बेल्स कंपनी के निदेशक मोहित गोयल की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने कहा है कि वह कंपनी के चार अन्य निदेशकों को तलाश रही है। इसी कंपनी ने दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्टफोन ‘फ्रीडम 251’ लांच किया था। गाजियाबाद की कंपनी अयाम एंटरप्राइजेज द्वारा रिगिंग बेल्स पर 16 लाख रुपये का बकाया नहीं चुकाने को लेकर एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद गुरुवार देर रात को पुलिस ने गोयल को हिरासत में लिया।

पुलिस अधीक्षक सलमान तेज ने आईएएनएस को बताया, “हम चार अन्य निदेशकों – अनमोल गोयल, धरना गर्ग (मोहित गोयल की पत्नी), अशोक चढ्ढा और सुमित कुमार को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रहे हैं जिनके नाम एफआईआर में दर्ज कराए गए हैं।”

अधिकारी ने बताया कि गोयल की गिरफ्तारी की खबर सुनकर कई अन्य वितरकों ने भी पुलिस थाने पहुंचकर कंपनी द्वारा की गई धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई।

एयाम एंटरप्राइजेज ने एफआईआर में दावा किया है कि गोयल और कंपनी के अन्य अधिकारियों ने नवंबर 2015 में उसे ‘फ्रीडम 251’ का डिस्ट्रीब्यूटरशिप लेने को राजी किया था। भारत में हरेक फोन की कीमत 250 रुपये थी।

कंपनी ने कहा, “हमने रिगिंग बेल्स को विभिन्न अवसरों पर आरटीजीएस के माध्यम से 30 लाख रुपये का भुगतान किया। लेकिन कंपनी ने केवल 13 लाख रुपये के उत्पाद ही मुहैया कराए। बाद में तगादा करने पर महज एक लाख रुपये ही लौटाए।”

अयाम एंटरप्राइजेज के डिस्ट्रीब्यूटर्स में से एक अक्षय मल्होत्रा के मुताबिक कंपनी ने मोबाइल फोन डिलिवर करने की बजाए उसे पॉवर बैंक और एलएफडी बल्व लेने को कहा।

एफआईआर दर्ज होने के बाद गोयल को उसके इंदिरापुरम के एटीएस टावर स्थित घर से गिरफ्तार किया गया।

दूरसंचार और प्रौद्योगिकी उद्योग के बारे में खबर देने वाली प्रमुख पोर्टल टेलेएनालिसिस ने दिसंबर में अपनी रिपोर्ट में कहा था कि रिंगिंग बेल्स के मालिकों ने कंपनी का कामकाज समेट कर एक नई कंपनी शुरू की है, जिसका नाम एमडीएम इलेक्ट्ऱॉनिक्स रखा गया है।

रिंगिंग बेल्स ने बाद में इन खबरों का खंडन किया था।

पिछले साल जुलाई में रिगिंग बेल्स ने 5,000 ‘फ्रीडम 251’ फोन की डिलिवरी का वादा किया था और कहा था कि बाकी के 65,000 फोन की कैश ऑन डिलीवरी भी जल्द ही की जाएगी।

लेकिन उसके बाद डिलिवरी की कोई जानकारी नहीं दी। कंपनी ने उसके बाद ‘फ्रीडम 251’ फोन की चर्चा छोड़ टीवी और अन्य स्मार्टफोन बनाने लगी।

कंपनी के ‘फ्रीडम 251’ की 7 करोड़ से ज्यादा लोगों ने बुकिंग की थी, उसके बाद कंपनी का भुगतान लेनेवाला वेबसाइट क्रैश हो गया था।

कंपनी शुरू से शक के घेरे में रही है, क्योंकि कई विशेषज्ञों ने कहा था कि 2,000 रुपये में कम में किसी भी स्मार्टफोन को बनाना संभव नहीं है।

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