फ्रांस : यौन संबंध के लिए पैसे भुगतान करने पर सजा

Apr 08, 2016

फ्रांस में वैश्यावृति पर रोक लगाने के लिए संसद में एक नया कानून पास किया गया है. इस कानून के तहत यहां अब पैसे देकर सेक्‍स करने पर रोक लगा दी गई है.

फ्रांस में अब यौन संबंध के लिए भुगतान करने पर सजा का प्रावधान हो गया है. इसके तहत यौन संबंध बनाने के लिए भुगतान करते हुए पकड़े जाने पर सजा और जुर्माना भरना पड़ेगा. फ्रांस के सांसदों ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी है.

पकड़े जाने पर जुर्माने का प्रावधान

प्रावधान के अनुसार, पहली बार पकड़े जाने पर सजा के तौर पर 1500 यूरो का जुर्माना होगा. अगर कोई शख्स दोबारा अपराध करते पकड़ा जाता है तो दंड की रकम बढ़ जाएगी. यौन संबंध के बदले भुगतान करने वाले व्यक्ति को 3750 यूरो या भारतीय मुद्रा के अनुसार 28 लाख रुपए तक का जुर्माना भरना पड़ेगा.

दोषियों को वेश्यावृत्ति पर जागरूकता का कोर्स भी करना होगा जैसा कि अन्य यूरोपीए देशों और अमेरिका में शराब पीकर ड्राइविंग करने के मामलों में दोषियों के साथ किया जाता है. इस कानून का मकसद विदेशी दलालों के नेटवर्क को तोडऩा और उन यौनकर्मियों की मदद करना है जो इस पेशे से बाहर आना चाहते हैं.

इस विवादस्पद कानून को फ्रांस की संसद में पास होने में दो वर्ष से अधिक का समय लगा है. इस पर फ्रांसीसी संसद के दोनों सदनों (नेशनल एसेंबली और सीनेट) के बीच काफी मतभेद रहे हैं. विधेयक पर अंतिम बहस के दौरान यौनकर्मियों के ग्रुप ने पेरिस में संसद के सामने प्रदर्शन भी किया.

स्ट्रॉस सेक्स वकर्स यूनियन के सदस्यों के अनुसार इस कानून से लगभग तीस से चालीस हजार यौनकर्मियों की जीविका पर सीधे असर पड़ेगा. समर्थकों का मानना है कि इसके लागू होने से अवैध देह व्यापार करने वाले गिरोहों के नेटवर्क से लडऩे में मदद मिलेगी. कानून के मुताबिक ऐसी विदेशी यौनकर्मी जो देह व्यापार छोड़ कोई अन्य काम करना चाहते हों उन्हें फ्रांस में रहने का अस्थाई परमिट भी दिया जाएगा.

समाजवादी सांसद माउड ओलिवर ने न्यूज एजेंसी एपी को दिए बयान में कहा है कि, इस कानून का सबसे अहम पहलू यह है कि इससे यौनकर्मियों को काफी मदद मिलेगी, हम उन्हें पहचान पत्र देंगे क्योंकि हमें मालूम है 85 फीसदी यौनकर्मी देह व्यापार कराने वाले गिरोहों का शिकार बनती हैं.

फ्रांस में मौजूद यौनकर्मियों में से 80-90 प्रतिशत विदेशी हैं और इनमें से अधिकतर देह-व्यापार कराने वाले गिरोहों की शिकार बनी हैं. यह 2003 में बने कानून की जगह लेगा. जिसमें देह व्यापार के लिए यौनकर्मियों की सजा का प्रावधान था.

मीडिया के मुताबिक इस विधेयक कानून का मौटे तौर पर फ्रांस के दक्षिणपंथी, सीनेट में विरोध कर रहे थे. दुनिया में स्वीडन पहला देश था जिसने यौनकर्मियों के बजाए ‘ग्राहकों’ को अपराधी माना था. स्वीडन के अधिकारियों का मानना था कि इस कानून के बनने के बाद रेड लाइट ऐरिया में महिला यौनकर्मियों की संख्या में खासी गिरावट देखने को मिली.

 

 

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