बिहार में बाढ़ का कहर, 12 जिलों की स्थिति खराब

Aug 14, 2017
बिहार में बाढ़ का कहर, 12 जिलों की स्थिति खराब

उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र के एक दर्जन से अधिक जिलों में बाढ़ की स्थिति अब भयावह होती जा रही है। किशनगंज और अररिया जिले की हालत सबसे बदतर हो गई है। दोनों शहर में 3 से 4 फीट पानी बह रहा है, और लोग घर-बार छोड़कर ऊंची जगह में शरण ले रहे हैं।

बता दें कि राज्य सरकार ने हालात की गंभीरता को देखते हुए सेना की मदद मांगी है। मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह के बताने के मुताबिक दानापुर और रांची आर्मी बेस से बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रभावित इलाकों में सेना को कूच करने का अनुरोध किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अपराह्न चार बजे कॉलम कमांडर कैप्टन अमृतपाल सिंह खेरा के नेतृत्व में दानापुर आर्मी के 80 जवान व अधिकारी किशनगंज की ओर रवाना कर दिए गए हैं।

ये भी पढ़ें :-  शर्मनाक: मथुरा के मंदिर में साध्वी का हुआ रेप, CCTV में कैद हुई वारदात

मुख्य सचिव के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित किशनगंज, अररिया और पूर्णिया के इलाकों में वहां पहले से ही मौजूद एसडीआरएफ की टीम लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने में जुट हुई है। केन्द्र सरकार से एनडीआरएफ की 10 टुकड़ियां मांगी गई हैं। भुवनेश्वर से चार टुकड़ी किशनगंज व पूर्णिया के लिए रवाना हो गई है। पूर्णिया के बायसी प्रखंड के कदमसाड़ी में फंसे करीब दो सोलोगों को हेलीकॉप्टर से बाहर निकालकर कर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाने का काम शुरू हो गया है। दूसरी तरफ मुख्य सचिव के बयान के अनुसार नेपाल और कोसी तथा सीमांचल के इलाकों में अत्यधिक वर्षा से आयी बाढ़ में फंसे लोगों को निकालना राज्य सरकार की पहली प्राथमिकता है।

ये भी पढ़ें :-  देश के 'फर्जी बाबाओं' की लिस्ट जारी करने वाले महंत मोहन दास ट्रेन से हुए लापता

इधर, मुख्यमंत्री ने उच्चधिकारियों के साथ आपात बैठक की और प्रभावित जिलों के प्रभारी सचिवों को तत्काल हवाई मार्ग से अपने-अपने जिले में पहुंच कर वहां कैंप करने का निर्देश दिया। साथ ही आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि बाढ़ में फंसे लोगों को वहां से निकालकर जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं। युद्ध स्तर पर बचाव और राहत कार्य चलाएं। उन्होंने कहा कि आर्मी को अलर्ट किया गया है। जरूरत होने पर उनकी भी मदद ली जाएगी।

12 जिलों में हालात खराब:
4.85 लाख क्यूसेक पानी वाल्मीकिनगर गंडक बराज से रविवार को छोड़े जाने से हालत और भी भयानक हो गई है। अररिया, मधेपुरा, सहरसा, सुपौल, पूर्वी चंपारण, प. चंपारण, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी में हालत बहुत ही गंभीर है।

ये भी पढ़ें :-  दलित छात्र से कुत्तों की मालिश और शौचालय साफ करवाते थे स्कूल अधिकारी

दूसरी तरफ उत्तर बिहार और बंगाल में बाढ़ की वजह से किशनगंज-सिलीगुड़ी-रेल मार्ग बिलकुल ही ठप हो गया है। इसके साथ ही पूर्वोत्तर के आठ राज्यों को शेष भारत से रेल संपर्क टूट गया है। कटिहार से सिलिगुड़ी के मध्य रेल ट्रैक पर कई जगह पानी आ जाने के कारण 18 से ज्यादा रेलगाड़ियों को रविवार को रद्द करना पड़ा है। जहाँ पूर्व मध्य रेलवे के सीपीआरओ राजेश कुमार ने बताया कि पूर्वोत्तर से शेष भारत की रेल सेवा बाढ़ की वजह से ठप हो गई है।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>