दोबारा पठानकोट एयरबेस में आतंकवादी हमले की आशंका

Jun 21, 2016

पठानकोट एयरबेस का दौरा करके आयी संसदीय समिति ने वायुसेना के इस ठिकाने के अंदर आतंकवादियों के मौजूद होने की बात कहते हुए वहां दोबारा हमले की आशंका जतायी है.

गृह मंत्रालय से जुडी स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष पी भट्टाचार्य ने मंगलवार को जम्मू में प्रेस कांफ्रेंस में कहा पठानकोट एयरबेस के दौरे में हमें ग्रामीणों से बातचीत तथा अन्य स्रोतों से पता लगा कि एयरबेस के अंदर आतंकवादी छिपे हुए हैं. वहां फिर आतंकवादी हमला होने की आशंका है. भट्टाचार्य ने कहा कि एयरबेस के अंदर आतंकवादी कैसे छिपे यह पता लगाना हमारा काम नहीं है.
सांसद ने कहा कि पठानकोट से लौटने के बाद समिति ने सरकार को पठानकोट एयरबेस की स्थिति की सूचना दी. उसके बाद सरकार ने हाल ही में वहां अतिरिक्त बलों की तैनाती करके सुरक्षा ग्रिड मजबूत किया है.
उल्लेखनीय है कि दो जनवरी को पंजाब के पठानकोट स्थित पश्चिमी वायु सेना कमान के वायु ठिकाने पर आतंकवादी हमले में तीन सुरक्षाकर्मी शहीद हो गये थे और पांच आतंकवादी मारे गये थे.
प्रेस कांफ्रेस में समिति के 13 में से 11 सदस्य मौजूद थे.
भट्टाचार्य ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसाई को पठानकोट हमले की जांच के लिए बुलाये जाने पर सख्त आपत्ति जताते हुए कहा कि यह बात समझ से परे है कि आईएसआई को यहां क्यों बुलाया गया. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि विदेश नीति बनाना सरकार का काम है.
सांसद ने कहा कि सरकार को पाकिस्तान की ओर से सीमा के बिल्कुल करीब कंक्रीट के बंकर बनाये जाने का मुद्दा पड़ोसी मुल्क के समक्ष गंभीरता से उठाना चाहिए. उन्होंने सीमा पर अत्याधुनिक उपकरण तैनात करने की सख्त जरूरत बतायी. सीमा पर घुसपैठ निरोधी तथा सुरक्षा के अन्य उपायों पर उन्होंने संतोष जताया.
सांसद ने कहा कि समिति ने पाया कि केंद्रीय अर्धसैनिक बलों के जवानों पर मानसिक दबाव है. वे 15-15 घंटे की ड्यूटी कर रहे हैं. उनकी पदोन्नति तथा अधिकारियों के दबाव की भी समस्या है. उन्होंने कहा कि इन समस्याओं के तत्काल हल के लिए समिति सरकार से एक आयोग गठित करने की सिफारिश करेगी.
सांसद ने कहा कि जवानों में आत्महत्या की समस्या पर दिल्ली में सरकार के साथ गहन विचार-विमर्श किया गया था और इसके लिए कई कदम भी उठाये गये थे. इस समस्या पर समिति और भी सुझाव देगी.
कांग्रेस सांसद ने बताया कि सीमा के बाशिंदों तथा किसानों ने समिति के समक्ष चार मुख्य समस्या उठायी. उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों द्वारा जिन लोगों की जमीन ली गयी है उनमें से अधिकांश को मुआवजा नहीं मिला है जिन्हें मिला है उन्हें जमीन बेचने का अधिकार नहीं है. उन लोगों ने जमीन को बेचने का हक मांगा है.  इसके अलावा सीमावर्ती इलाके के लोगों ने ऐबुलेंस और मेडिकल सुविधा की भी मांग रखी है.
भट्टाचार्य ने बताया कि पूर्वोत्तर क्षेत्र, पठानकोट और जम्मू का दौरा करने के बाद समिति अब कश्मीर का दौरा करेगी.
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