सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल, हिंदू-मुस्लिम परिवार ने एक दूसरे की बचाई जान

Sep 11, 2016
सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल, हिंदू-मुस्लिम परिवार ने एक दूसरे की बचाई जान
सांप्रदायिक सद्भाव की मिसाल देखने को मिली। किडनी प्रत्यारोपण दो महिलाओं का हुआ। जिसमें हिंदू पुरुष ने मुस्लिम महिला को और मुस्लिम पुरुष ने हिंदू महिला को किडनी देकर उनकी जान बजाई।
जयपुर के एक निजी अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण के दौरान सांप्रदायिक सौहार्द की अनूठी मिसाल देखने को मिली। जहां 36 वर्षीय अनीता मेहरा को अनवर अहमद की किडनी लगाई गई। वहीं 42 वर्षीय तस्लीम को विनोद की किडनी लगाई गई।
अनवर अहमद तस्लीम के पति है, तो विनोद अनीता मेहरा के पति हैं। जयपुर के जवाहर नगर स्थित एक निजी अस्पताल में खराब किडनी के चलते पिछले काफी समय से अनीता और तस्लीमा का ईलाज चल रहा था और ये दोनों डायलिसिस के लिए काफी समय से अस्पताल आ रहे थे। दोनों के लिए किडनी प्रत्यारोपण की सलाह चिकित्सकों ने काफी समय पहले दी थी, लेकिन दोनों को उनके ब्लड ग्रुप के मुताबिक डोनर नहीं मिल रहा था।
मैच हुए एक-दूसरे का ब्लड ग्रुप
परेशानी के बीच दोनों परिवारों को उस समय नई जिंदगी मिल गयी, जब डॉक्टर्स ने दोनों महिलाओं के पतियों का ब्लड ग्रुप चेक करवाया।
दोनों का ब्लड ग्रुप एक दूसरे की पत्नियों से मैच कर रहा था। इसके बाद चिकित्सकों ने दोनों परिवारों की विशेष काउंसलिंग की और दोनों परिवारों ने चिकित्सकों की राय, अपने परिवार और यहां तक की धर्म गुरुओं की सहमति से इस प्रत्यारोपण के लिए हामी भर दी।
अस्पताल और परिवार ने मिलकर ह्यूमन ऑर्गन औपचारिकता एक्ट के मुताबिक सभी तैयारियां कर डाली और आठ अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने इस सफल प्रत्यारोपण को कर दिखाया। दोनों परिवारों ने धर्म से ऊपर उठकर एक दूसरे की जिंदगी बचाने के लिए ये कदम उठाया। इंसानियत के लिए मिसाल पेश करने वाले दोनों पतियों ने सबसे बड़े इस दान को करने के बाद अपनी खुशी भी जाहिर की
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