देश के प्रत्येक व्यक्ति को मासिक वेतन देने पर विचार कर रही मोदी सरकार

Jan 05, 2017
देश के प्रत्येक व्यक्ति को मासिक वेतन देने पर विचार कर रही मोदी सरकार

नोट बंदी की घोषणा के समय प्रधानमंत्री मोदी ने देश की जनता से 50 दिन का समय माँगा था। उन्होंने कहा था की 50 दिन के बाद देश में हालात सामान्य हो जायेंगे और गरीबो के अच्छे दिन शुरू हो जायेंगे। लेकिन 30 दिसम्बर के बाद मोदी द्वारा जनता से माँगा गया समय खत्म हो गया। 31 दिसम्बर को जब खबर आई की मोदी राष्ट्र को संबोधित कर रहे है तो सबको लगा की आज उनके लिए कोई बड़ी घोषणा होगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं, अब खबर मिली है की मोदी सरकार बजट में कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। नोट बंदी से लोगो को हुई परेशानी के बाद सरकार लोगो को राहत देने पर विचार कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार सरकार देश के हर नागरिक को मासिक आय देने पर विचार कर रही है। इसकी लिए आम सहमति बन चुकि है। इस योजना के तहत, सरकार देश के हर व्यक्ति को 500 रूपए मासिक देने पर विचार कर रही है। लन्दन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर गाय स्टैंडिंग ने इस योजना को तैयार किया है। स्टैंडिंग ने बताया की निति आयोग के उपाध्यक्ष अरविन्द पनगढ़िया ने उनसे बात की और इस योजना के बारे में जानकारी मांगी। गाय स्टैंडिंग ने यूनिवर्सल बेसिक स्कीम के बारे में काफी रिसर्च की है और उनकी रिसर्च को इकनोमिक सर्वे रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
इस योजना के तहत, ट्रायल के रूप में मध्य प्रदेश के 8 गाँव में चलाया गया। 2010 से 2016 के बीच लागु हुई इस स्कीम में पुरुष और महिला को 500 रूपए और बच्चो को 150 रूपए दिए गए। इससे उनकी आय में बढ़ोतरी दर्ज की गयी। इसके अलावा दिल्ली के 200 लोगो के बीच भी इस स्कीम को लागु किया गया। हालाँकि अभी भी सरकार इस दुविधा में है की वो केवल बेरोजगार को इसका फायदा दे या सभी नागरिको को। जानकारो का मामना है कि इस योजना में सभी लोगो को रखना जरुरी है। सरकार को अमीर-गरीब का भेद मिटाकर सभी लोगो को इसका लाभ देना चाहिए। अगर सरकार यह योजना लागू करती है तो भी सरकार को जीडीपी का 3 से 4 फीसदी खर्च वहन करना पड़ेगा. ऐसी सूरत में सरकार सब्सिडी खत्म करने पर विचार कर सकती है।

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