30 साल की उम्र तक कर लें ये 8 काम, वरना पड़ेगा पछताना

Aug 27, 2016

नई दिल्ली। तेजी से बढ़ रही महंगाई के इस दौर में हर किसी की कोशिश यही रहती है कि वह अधिक से अधिक पैसे कमा सके। नौकरी लगते ही कुछ लोग तो अपनी कमाई के पैसे इधर-उधर खर्च कर देते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने पैसों को सही जगह लगाना पसंद करते हैं।

अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो अपने भविष्य की चिंता करते हैं तो आज आपको हम बताएंगे कि कैसे करें अपने भविष्य प्लानिंग। यूं तो हम सोचते हैं कि अभी बुढ़ापा आने में बहुत वक्त है, कुछ समय बाद आगे की प्लानिंग कर ली जाएगी, लेकिन अपने भविष्य प्लानिंग करने का सही वक्त होता है 30 साल की उम्र से पहले।

बहुत से लोग अपनी उम्र का ये सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सिर्फ घूमने-फिरने और पैसे उड़ाने में बर्बाद कर देते हैं और फिर बाद में पछताते हैं। अगर आप भी चाहते हैं कि आपका भविष्य सुरक्षित रहे, तो 30 साल का होने से पहले आपको कुछ काम हैं जिन्हें जरूर पूरा कर लेना चाहिए।

रिटायरमेंट प्लानिंग

अक्सर लोग ये सोचते हैं कि अभी तो हमारी नौकरी लगी है, अभी से बुढ़ापे की क्या सोचना। ऐसे में वह अपने बुढ़ापे के लिए पैसे सुरक्षित नहीं करते हैं। यह गलत है। रिटायरमेंट की प्लानिंग 30 साल की उम्र तक कर लेनी चाहिए ताकि आपको 60 साल में रिटायर होने तक 30 साल तक पैसे सेव करने का समय मिल सके। रोज बचाएंगे थोड़े-थोड़े पैसे, तो बुढ़ापे में हो जाएंगे करोड़पति।

घर खरीदना

घर खरीदना तो हर किसी का सपना होता है, लेकिन बहुत से लोग अपने इस सपने को साकार करने में अपने कई अन्य सपनों का गला घोंट देते हैं। ऐसा सिर्फ इसलिए होता है, क्योंकि उन्होंने सही प्लानिंग नहीं की होती है। 30 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते आपको यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि आप होम लोन लेकर एक घर खरीद लें। सैलरी का एक बड़ा हिस्सा घर का किराया देने में ही चला जाता है। ऐसे में अगर आप अपने घर के लिए होम लोन की किस्त चुकाएंगे, तो कम से कम वो आपका अपना घर तो होगा।

जीवन बीमा

भगवान न करे कि आपको कुछ हो जाए, तो आपके परिवार का क्या होगा? आपकी कमी तो आपके परिवार को महसूस होगी, लेकिन एक तरीका है जिससे आप उनकी परेशानियों को थोड़ा कम कर सकते हैं। यह तरीका है जीवन बीमा। 30 साल की उम्र से पहले ही अगर आप जीवन बीमा करा लेते हैं तो आप अधिक राशि का बीमा काफी कम प्रीमियम में पा सकते हैं। एक बात का ध्यान रहे कि बीमा एक खर्च है, न कि निवेश। इसलिए अधिक रिटर्न की योजनाओं के झांसे में न आएं। पहले पूरी रिसर्च करें, उसके बाद ही कोई जीवन बीमा लें। कोई जल्दबाजी न करें।

हेल्थ इंश्योरेंस

जीवन बीमा से आपने अपने बाद अपने परिवार का ख्याल रखने की जिम्मेदारी भले ही पूरी कर दी हो, लेकिन हेल्थ इंश्योरेंस कराना कभी न भूलें। हेल्थ इंश्योरेंस किसी दुर्घटना होने या फिर बीमार होने पर आपको सुरक्षा देता है। अगर दो दिन भी अस्पताल में भर्ती रहना पड़ जाए तो एक सामान्य व्यक्ति का सारा बजट ही बिगड़ जाता है। अगर आपकी कंपनी आपको हेल्थ इंश्योरेंस मुहैया कराती है, तब भी आप अलग से एक हेल्थ इंश्योरेंस जरूर लें।

आपातकाल फंड

कई बार किसी इमरजेंसी के चलते खर्चे अधिक हो जाते हैं और आपका बजट बिगड़ जाता है। अचानक नौकरी छूट जाना या फिर किसी दुर्घटना के चलते कुछ समय तक घर में बैठ जाना भी एक इमरजेंसी ही है। ऐसी स्थिति में आप घर की ईएमआई, बीमा का प्रीमियम और हर महीने होने वाले अन्य जरूरी खर्चे नहीं चुका पाते हैं। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए एक आपातकाल फंड जरूर बनाएं, जिसमं 3 से 6 महीनों के खर्चे जितने पैसे रखें। यहां एक बात का ध्यान जरूर रखें कि नई गाड़ी, मोबाइल, लैपटॉप या महंगे कपड़े खरीद लेना इमरजेंसी नहीं है। इसके लिए आपातकाल फंड का उपयोग न करें।

करियर

आप सोच रहे होंगे कि नौकरी मिलना ही तो करियर बनना है, लेकिन ऐसा नहीं है। कई बार हम जो नौकरी करते हैं, उससे संतुष्ट नहीं होते हैं और आगे चलकर दूसरी नौकरी करने की सोचते हैं। यहां दूसरी नौकरी से मतलब कंपनी बदलने से बिल्कुल नहीं है, इसका मतलब है कि आप अपनी लाइन ही बदल रहे हैं जैसे इंजीनियर से डॉक्टर या टीचर से इंजीनियर आदि। 30 साल की उम्र तक पहुंचते-पहुंचते यह सुनिश्चित कर लें कि आप अपने मन की नौकरी कर रहे हैं।

बच्चों की पढ़ाई और शादी की प्लानिंग

यूं तो बहुत से लोग 30 साल की उम्र के बाद शादी करते हैं, लेकिन अगर आपकी शादी 25-27 साल की उम्र में हो जाती है, तो फिर आपको 30 साल का होने से पहले ही अपने बच्चों की पढ़ाई और शादी की प्लानिंग भी शुरू कर देनी चाहिए। अगर 30 साल की उम्र में आपका एक बच्चा हो जाता है तो जब आप 55 साल के होंगे आपके बच्चा 25 साल का हो चुका होगा। ऐसे में आपके पास बेटे की शादी के लिए पैसे जमा करने के लिए 25 साल का समय होगा, जबकि बच्चे की पढ़ाई उसके पैदा होने के चंद साल बाद ही शुरू हो जाएगी।

कर्ज मुक्त हो जाना

कोशिश करें कि 30 साल की उम्र तक आप पर किसी तरह का कोई कर्ज न हो। यहां कर्ज से मतलब होम लोन से बिल्कुल नहीं है, क्योंकि वह लिया ही जाता है 20-30 साल के लिए। यहां कर्ज से मतलब है पर्सनल लोन से या फिर किसी से कैश में लिए गए पैसों से। कर्ज से मुक्त होना इसलिए जरूरी है कि आप अगर 30 साल की उम्र से होम लोन, बीमा और रिटायरमेंट की प्लानिंग शुरू कर देंगे तो कर्ज के चलते आप इन सब में पैसे नहीं लगा पाएंगे, जिससे आपका भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।

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