शर्मनाक: CRPF जवानों ने राखी बांधने आईं छात्राओं के कपड़े उतारकर ली तलाशी..

Aug 08, 2017
शर्मनाक: CRPF जवानों ने राखी बांधने आईं छात्राओं के कपड़े उतारकर ली तलाशी..

देश के सुरक्षाबलों को शर्मसार करने वाली एक घटना छत्तीसगढ़ से सामने आई है। जहाँ रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुईं एक आवासीय स्कूल की छात्राओं की CRPF के जवानों ने कपड़े उतरवाकर तलाशी ली। जहाँ छात्राएं जवानों को राखी बांधन के लिए आईं थीं।

बता दें कि मामला नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा जिले का है। यहां राज्य सरकार द्वारा चलाए जाने वाले पलनाम स्थित आश्रम में रक्षाबंधन के मौके पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। जहाँ पर छात्राएं जवानों को राखी बांधन के लिए आई हुई थीं। वहां के जिलाधिकारी सौरभ कुमार ने मीडिया से बताया कि, अज्ञात CRPF जवानों द्वारा कुछ लड़कियों के संग यौन शोषण किया गया है। जिलाधिकारी के मुताबिक करीब 500 स्कूली लड़कियां रक्षाबंधन के मौके पर CRPF के जवानों को राखी बांधने के लिए आई हुई थीं। जहाँ पर लड़कियों के शौचालय के पास तैनात CRPF के जवानों पर ऐसी हरकत करने का आरोप लगाया गया है।

ये भी पढ़ें :-  वाराणसी में लगाए गए प्रधानमंत्री मोदी के लापता होने के पोस्टर, जानिए मामला

जहाँ जिलाधिकारी, पुलिस एसपी और सीआरपीएफ के डीआईजी ने शिकायत के बाद आश्रम का दौरा किया है, और मामले की छानबीन के लिए एक टीम बना ली गई है। जिसमें दो महिला सदस्य भी हैं। कल के रोज़ यानि 7 अगस्त को CRPF ने शिकायत के बाद आंतरिक जांच की भी संस्तुति की है। शिकायत के मुताबिक CRPF के दो जवानों ने लड़कियों के कपड़े उतरवाकर तलाशी ली थी। जहाँ उनके खिलाफ बाल यौन शोषण के पोस्को कानून के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। और बताया जा है कि शिकायत करने वाली लड़कियां कक्षा 11 की छात्र हैं।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक लड़कियों को स्कूल में रक्षाबंधन के दिन मौजूद सभी CRPF जवानों की तस्वीरों को दिखाकर उन आरोपियों की पहचान कराई जाएगी। इस मामले को सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने फेसबुक पर उठाते हुए लिखा कि कम से कम चार लड़कियों का रक्षाबंधन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम में यौन शोषण हुआ है। कुमार ने आरोप लगाया है कि लड़कियों के अलावा ग्रामीणों ने भी घटना की पुष्टि की है।

ये भी पढ़ें :-  चीन और भारत के बीच डोकलाम विवाद पर युद्ध को लेकर सुषमा स्वराज ने दिया बड़ा बयान

इस से पहले भी जनवरी 2017 में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने पाया था कि 2015 में बीजापुर में कम से कम ऐसी16 महिलाओं हैं जिनके साथ बलात्कार और यौन उत्पीड़न हुआ था। और इसके लिए भी सुरक्षा बल जिम्मेदार बताए गए। और ये कोई नई बात नहीं है बल्कि छत्तीसगढ़ में पुलिस और सुरक्षा बलों द्वारा मानवाधिकार हनन के मामले राष्ट्रीय मीडिया में आते रहे हैं।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>