निर्वाचन आयोग रिश्वतखोरी कांड में 2 आरोपियों को जमानत

Jun 07, 2017
निर्वाचन आयोग रिश्वतखोरी कांड में 2 आरोपियों को जमानत

राष्ट्रीय राजधानी की एक अदालत ने ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के चुनाव चिन्ह पर फैसला अपने पक्ष में करने के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देने की पेशकश के मामले में दो संदिग्ध हवाला कारोबारियों को मंगलवार को जमानत दे दी। मामले में पार्टी महासचिव वी.के.शशिकला के भतीजे टी.टी.वी.दिनाकरन भी आरोपी हैं। विशेष न्यायाधीश पूनम चौधरी ने नाथू सिंह तथा ललित कुमार को जमानत देते हुए दो-दो लाख रुपये का निजी मुचलका तथा इतनी ही कीमत की जमानत राशि जमा करने को कहा।

अदालत ने उनसे सबूतों से छेड़छाड़ व गवाहों को प्रभावित न करने, अदालत की मंजूरी के बगैर देश न छोड़ने तथा पासपोर्ट जमा करने के लिए कहा।

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सिंह तथा कुमार को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने क्रमश: 27 अप्रैल तथा 18 मई को गिरफ्तार किया था और तबसे वे न्यायिक हिरासत में थे। उन्होंने इस आधार पर जमानत की मांग की थी कि हिरासत में पूछताछ के लिए उनकी जरूरत नहीं है और मामले में दिनाकरन तथा उनके निकटस्थ सहयोगी मल्लिकार्जुन को एक जून को ही जमानत मिल चुकी है।

दिल्ली पुलिस ने उनकी जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वे गंभीर अपराध में संलिप्त हैं और सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं।

पुलिस ने अदालत से कहा कि कुमार ने कथित तौर पर एक करोड़ रुपये का काला धन एक अज्ञात व्यक्ति को सुपूर्द किया, जिसे गिरफ्तार आरोपी व बिचौलिया सुकेश चंद्रशेखर को दिया जाना था।

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पुलिस ने कहा कि रकम ‘दो पत्ती’ चुनाव चिन्ह को लेकर फैसले को अपने पक्ष में करने के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को दी जानी थी।

मामले में दिनाकरन को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने पार्टी के चुनाव चिन्ह पर फैसला अपने पक्ष में करने के लिए निर्वाचन आयोग के अधिकारियों को रिश्वत देने के प्रयास में 25 अप्रैल को गिरफ्तार किया था। एआईएडीएमके में दो फाड़ होने के बाद निर्वाचन आयोग ने पार्टी के चुनाव चिन्ह ‘दो पत्ती’ को जब्त कर लिया है।

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