सामाजिक बहिष्कार के चलते हिन्दू वयक्ति ने अपनाया इस्लाम धर्म, बेटी-बेटों ने भी किया कबूल

Aug 25, 2017
सामाजिक बहिष्कार के चलते हिन्दू वयक्ति ने अपनाया इस्लाम धर्म, बेटी-बेटों ने भी किया कबूल

28 साल पहले लव मैरिज करने वाले विनोद प्रकाश खरे से अब गुलाम मोहम्मद बन गए हैं। यानि इन्होंने अपने पूरे परिवार के साथ इस्लाम धर्म कबूल लिया है।

बता दें कि मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के राजनगर में रहने वाले विनोद प्रकाश खरे ने अपने पूरे परिवार के साथ इस्लाम धर्म कबूल लिया है। हिन्दू धर्म से तालुक रखने वाले खरे ने बताया कि ‘मैंने अपनी पत्नी वीणा खरे (44), अविवाहित बेटी एकता खरे (23) और दो बेटों अमन खरे (20) तथा सूरज खरे (17) के साथ धर्म परिवर्तन कर लिया है।’ इन्होंने इस्लाम धर्म कबूल करने के पीछे की वजह बताते हुए कहा कि ‘मैं हिन्दू समाज और खुद अपने परिवार के जरिए पिछले 28 वर्ष से किए जा रहे सामाजिक बहिष्कार को बड़ी वजह मानता हूं।’ उन्होंने कहा कि ‘धर्म परिवर्तन करते हुए मैं विनोद प्रकाश खरे से गुलाम मोहम्मद बन गया हूं।’

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उन्होंने अपने बारे में बताया कि ‘मैंने आज से 28 साल पहले मुस्लिम महिला शाहबानो के साथ हिन्दू धर्म के रीती रिवाज के अनुसार शादी की थी। इसी लिए मैंने अपनी मुस्लिम पत्नी ‘शाहबानो’का नाम बदल कर ‘वीणा खरे’ रखा था। लेकिन मेरी इस शादी को परिवार, रिश्तेदारों एवं समाज ने मानने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं उन्होंने बताया कि ‘मेरे घर वाले मुझे और मेरी पत्नी को घर से बाहर निकाल दिया था। यहां तक कि मुझे मेरी बीबी और बच्चों को मेरे पिता की मौत के बाद अंतिम संस्कार में भी शामिल नहीं होने दिया गया था।

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‘विनोद प्रकाश खरे’ से ‘गुलाम मोहम्मद’ बने इस व्यक्ति ने कहा कि ‘आज जब मेरे बच्चे बड़े हो रहे हैं तो हमें उनका घर भी बसाना है। हिन्दू समाज तो साथ नहीं दे रहा है। ऐसे समय में इस्लाम समाज का साथ मिला तो हमने सपरिवार इस धर्म को स्वीकार कर लिया है। खरे आज एक शपथ पत्र देकर इस बात की पुष्टि की है कि मुफ्ती साहब ने हमें कलमा पढ़ाकर इस्लाम धर्म में शामिल किया है’

धर्म परिवर्तन के बाद इनके नाम ‘विनोद प्रकाश खरे’ से ‘गुलाम मुहम्मद’ रख दिया गया है जबकि इनकी पत्नी का नाम ‘वीणा खरे’ की जगह ‘शाहबानो’, बेटी का नाम ‘एकता खरे’ की जगह ‘फातिमा’ और बेटे का नाम ‘अमन खरे’ की जगह ‘अमान मुहम्मद’ तथा ‘सूरज खरे’ की जगह ‘मोहम्मद आफताब’ रख दिया गया है। जिन्हें अब इन्हीं नामों से जाना जायेगा। विनोद द्वारा अपने परिवार के साथ धर्मांतरण किए जाने के मामले पर पूछे जाने पर राजनगर अनुविभागीय दंडाधिकारी एसडीएम रवीन्द्र चौकसे ने बताया हमें इस तरह की जानकारी मिली है। अब यदि कोई विवाद सामने आता है तो व्यवस्था दी जाएगी। लेकिन जब विश्व हिन्दू परिषद के स्थानीय प्रमुख अनुपम गुप्ता से इस बारे में बताया गया तो उन्होंने बताया कि ‘मैं इस परिवार से संपर्क में हूं। हमारी विनोद से बात भी हुई है। वह अपने इस फैसले पर दोबारा विचार करेगा।’

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