शराब पीकर गाड़ी चलाने पर होगा 10,000 का जुर्माना

Aug 04, 2016

अब गाड़ी चलाते समय नियमों को तोड़ने पर भारी जुर्माना अदा करना होगा. अगर अब आप शराब पीकर गाड़ी चलाते पकड़े गए तो 10,000 रुपए तक का जुर्माना हो सकता है…

जुर्माने की राशि पांच गुना बढ़ाने से लेकर छह महीने से एक साल तक की सजा और एक साल के लिए गाड़ी जब्त करने तक के प्रस्ताव हैं. पहली बार नियम तोड़ने वाले से 10 हजार रुपये की पेनल्टी वसूली जा सकती है और बार-बार ऐसा करने वाले के लिए सजा सख्त करते जाने का प्रस्ताव है. हिट एंड रन मामले में दो लाख रुपए का हर्जाना देना होगा.

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने मोटर यान (संशोधन) विधेयक 2016 को मंजूरी प्रदान कर दी. सड़कों को सुरक्षित बनाने और लाखों निर्दोष लोगों की जान बचाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक कदम है.’

उन्होंने कहा कि विधेयक के प्रावधान 18 राज्यों के परिवहन मंत्रियों की सिफारिशों पर आधारित हैं और इसमें निर्धारित गति से तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने पर 1,000 से 4,000 रूपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है. वर्तमान में नशे की हालत में गाड़ी चलाने पर 2000 रुपये तक जुर्माना या छह महीने तक की सजा का प्रावधान है.

विधेयक के प्रावधानों के अनुसार बीमा के बिना गाड़ी चलाने पर 2,000 रुपए का जुर्माना और तीन महीने की जेल हो सकती है. बिना हेलमेट के वाहन चलाने पर 2,000 रुपए का जुर्माना और तीन महीने के लिए लाइसेंस निलंबित हो सकता है.

बिल में एक से ज्यादा लाइसेंस रखने वालों या एक से ज्यादा लाइसेंस के लिए अप्लाई करने वालों के लिए भी जुर्माने के बारे में भी स्पष्ट रूप से कहा गया है. इसके अलावा अगर बिल को मंजूरी मिल गई तो बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ी चलाने पर भी जोर का झटका लगेगा.

इस बिल में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के साथ-साथ ऑटो कंपनियों को भी जवाबदेह बनाने की कोशिश की गई है. गलत डिजाइन या दोषपूर्ण मैन्युफैक्चरिंग और गड़बड़ी पकड़ में आने के बाद गाड़ियों को रिकॉल नहीं करने पर ऑटो कंपनियों के लिए जुर्माने और सजा का प्रस्ताव है.

गाड़ियों के डिजाइन में गड़बड़ी पर पांच लाख रुपये तक जुर्माना और गाड़ी को रिकॉल करने से इनकार करने पर तीन महीने तक की सजा या गाड़ी की कीमत के बराबर जुर्माने का प्रस्ताव है.

मौजूदा मोटर यान कानून में 223 उपबंध हैं और विधेयक में 68 उपबंधों में संशोधन का प्रस्ताव है. विधेयक में 28 नए उपबंध शामिल किए जाने का प्रस्ताव है.

गडकरी ने कहा कि संशोधनों में सड़क सुरक्षा में सुधार, नागरिकों को सुविधा, ग्रामीण परिवहन को मजबूत बनाने सहित विभिन्न मुद्दों पर है. उन्होंने कहा कि सरकार दुर्घटनाओं और हताहतों की संख्याओं में 50 प्रतिशत तक की कमी लाने के लिए प्रतिबद्ध है.

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