जज्बे को सलाम! 98 साल की उम्र में हासिल की MA की डिग्री, युवाओं को दी ये सलाह

Dec 27, 2017
जज्बे को सलाम! 98 साल की उम्र में हासिल की MA की डिग्री, युवाओं को दी ये सलाह

जब इन्सान अपने अन्दर ठान ले कि उसे कुछ करना है तो एक न एक दिन उसका यह सपना जरुर पूरा होता है उस सपने के बीच वह अपनी उम्र को भी आड़े नहीं देता, ऐसा ही कुछ साबित कर दिखाया है पटना के राजकुमार वैश्य ने, जिन्होंने 98 वर्ष की उम्र में MA की डिग्री हासिल की है।

बता दें कि बिहार के पटना के रहने वाले 98 वर्षीय राजकुमार वैश्य ने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से MA (अर्थशास्त्र) की डिग्री हासिल कर ली है। उन्होंने इसी साल सितंबर में हुई परीक्षा द्वितीय श्रेणी से पास की। मंगलवार को जब वह अपनी डिग्री लेने पहुंचे, तो लोगों ने उनका जोरदार स्वागत किया। वैश्य ने कहा कि, ‘किसी भी इच्छा को पूरा करने में उम्र कभी आड़े नहीं आती। मैंने अपना सपना पूरा कर लिया है। अब मैं पोस्ट ग्रैजुएट हूं। मैंने दो साल पहले यह तय किया था कि इस उम्र में भी कोई अपना सपना पूरा कर सकता है।’ इतना ही नहीं बल्कि उन्होंने नौजवानों को संघर्ष कर जीत हासिल करने की सलाह देते हुए कहा कि ‘नई पीढ़ी को जिंदगी में हमेशा कोशिश करते रहना चाहिए।’

वैसे तो वैश्य का जन्म उत्तर प्रदेश के बरेली में हुआ था। उन्होंने यहीं से ही मैट्रिक और इंटर की परीक्षा साल 1934 और साल 1936 में पास की थी। इसके बाद उन्होंने आगरा विश्वविद्यालय से 1938 में स्नातक की परीक्षा पास की और यहीं से कानून की भी पढ़ाई की। इसके बाद कोडरमा (अब झारखंड में) में नौकरी लग गई। इस बारे में वैश्य ने बताया कि, ‘1977 में नौकरी से रिटायर होने के बाद मैं बरेली चला गया। घरेलू काम में व्यस्त रहा, बरेली में रहा, बच्चों को पढ़ाया, लेकिन अब मैं अपने बेटे और बहू के साथ रहता हूं। उम्र काफी हो गई, लेकिन एमए की पढ़ाई पूरी करने की इच्छा खत्म नहीं हुई थी।’ इस बारे में उन्होंने बताया कि ‘मैंने एक दिन अपने दिल की बात अपने बेटे और बहू को बताई। बेटे प्रोफेसर संतोष कुमार और बहू भारती एस. कुमार दोनों प्रोफेसर की नौकरी से रिटायर हो चुके हैं। वे दोनों भी इसके लिए तैयार हो गए और आज मेरी इच्छा पूरी हो गई।’ वैश्य ने अपनी सफलता का श्रेय बहू भारती और बेटे संतोष कुमार को दिया और कहा कि, ‘यह हमारे लिए गर्व का क्षण है।’

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 98 वर्षीय राजकुमार वैश्य ने MA में साल 2015 में दाखिला लिया था और द्वितीय श्रेणी में परीक्षा पास की है। वैश्य ने 1938 में स्नातक की परीक्षा पास की थी। एनओयू के रजिस्ट्रार एस पी सिन्हा ने बताया कि ‘कुल 22,100 छात्रों को इस साल विभिन्न डिग्रियां प्रदान की गईं, वैश्य 29 स्वर्ण पदक विजेताओं सहित 2780 ऐसे छात्रों में से थे जिन्हें दीक्षांत समारोह में आमंत्रित किया गया।

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