Fake Shake: रंग बदलने वाली ICE CREAM के खिलाफ अदालत पहुंचे नेता

Mar 30, 2016
देश के सैकड़ों नेताओं ने अलग-अलग अदालतों में स्पेन के उस भौतिकशास्त्री के खिलाफ केस ठोक दिए हैं, जिसने रंग बदलने वाली आइसक्रीम का आविष्कार किया है। केस में दलील दी गई है कि रंग बदलने का अधिकार केवल भारतीय नेताओं को है। इसके लिए वे गिरगिटों के समूह को भारी-भरकम रॉयल्टी भी चुकाते हैं। मीडिया में ऐसी खबरें छपने के बाद कि स्पेन के भौतिकशास्त्री मैनुअल लिनारेस ने रंग बदलने वाली आइसक्रीम ईजाद की है, पेटेंट राइट को लेकर भारत की अदालतों में मामलों की झड़ी लग गई है।
लगभर हर राज्य से अनेक नेताओं ने कोर्ट में मामले दायर किए हैं। सबमें एक ही दलील दी गई है कि मैनुअल ने ऐसा करके भारतीय नेताओं और गिरगिटों के बीच 1947 में हुई ‘राइट टु कलर चैंजेस ट्रिटी’ (रंग बदलने का अधिकार बाबत संधि) का उल्लंघन किया है। इस संधि के तहत गिरगिटों ने नेताओं को रंग बदलने का गुण ट्रांसफर किया था। इसके बदले में नेता, गिरगिटों को रॉयल्टी के तौर पर हर साल भारी राशि चुकाते हैं। इसके लिए नेताओं को काफी जनसेवा भी करनी पड़ती है।
दिल्ली की अदालत में मामला दायर करने वाले एक स्थानीय नेता आरडी भोले के वकील ने बताया, “यह इंडियन पेटेंट एक्ट 1970 की धारा 221 और इंटरनेशनल पेटेंट ट्रीटी के सेक्शन 115 दोनों का उल्लंघन है। ये दोनों धाराएं अतिविशिष्ट गुणों का संरक्षण करने का अधिकार देती हैं। यानी वह गुण जो किसी और में न हो, उसके संरक्षण का अधिकार। रंग बदलने वाली आइसक्रीम का विकास करना भारतीय नेताओं के इसी अधिकार का अतिक्रमण करना है।” उन्होंने बताया कि वे शीघ्र ही इंडियन पेटेंट ऑफिस में भी एक याचिका दायर करेंगे। सरकार से दखल देने की मांग, स्पेन के राजदूत तलब इस बीच, भारतीय नेताओं के एक सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल ने विदेश मंत्री से मिलकर इस संबंध में दखल देने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री को याद दिलाया कि विदेश मंत्री होने से पहले वे एक नेता हैं और इसलिए उन्हें अपने अतीत को नहीं भूलना चाहिए। सूत्रों के अनुसार मंत्री ने तत्काल स्पेन के राजदूत को तलब कर खूब खरी-खोटी सुनाई।
(काल्पनिक खबर- हिंदी सटायर डॉट कॉम)
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