अल्पसंख्यक आयोग भंग करें या बहुसंख्यक आयोग भी बनाएं : विश्व हिन्दू परिषद

Jun 20, 2017
अल्पसंख्यक आयोग भंग करें या बहुसंख्यक आयोग भी बनाएं : विश्व हिन्दू परिषद

विश्व हिन्दू परिषद (विहिप) ने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष गयरुल हसन रिजवी पर अलगाववादियों के एजेंडे को लागू करने का आरोप लगाते हुए कहा है कि वह मुस्लिम समाज में अलगाववाद की भावना को मजबूत कर रहे हैं। विहिप ने कहा कि या तो अल्पसंख्यक आयोग को भंग कर दिया जाए या फिर बहुसंख्यक आयोग की भी स्थापना की जाए। मुस्लिम समाज के लिए एक हैल्पलाइन नंबर की जानकारी देते हुए विहिप ने कहा कि अगर मुस्लिम समाज को कोई सता रहा है, तो वे तुरंत इस पर फोन करें।

विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ.सुरेंद्र जैन ने एक बयान में कहा, “पाकिस्तान और अलगाववादी इसी तर्क का प्रयोग कर अपनी भारत विरोधी गतिविधि को उचित ठहराते हैं। अब उनको अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष के रूप में एक और वकील मुफ्त में मिल गया है। सम्पूर्ण विश्व का घटनाचक्र इस बात का सबूत है कि मुसलमानों को जितने अधिकार भारत में हैं, उतने किसी मुस्लिम देश में भी नहीं हैं।”

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उन्होंने कहा, “देश अल्पसंख्यक आयोग से जानना चाहता है कि भारत में मुस्लिम समाज पीड़ित है या अत्याचारी। इस पर उन्हें एक विस्तृत बयान जारी करना चाहिए, विहिप उन्हें इस विषय पर खुली बहस की चुनौती देता है।”

जैन ने आगे कहा, “अल्पसंख्यक आयोग की अवधारणा ही अलगाववादी मानसिकता की पुष्टि करता है। क्या देश के सभी नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए मानवाधिकार आयोग पर्याप्त नहीं है? उसे अधिक अधिकार देकर अल्पसंख्यक आयोग समाप्त कर देना चाहिए। अगर ऐसा नहीं हो सकता, तो अविलम्ब राष्ट्रीय बहुसंख्यक आयोग की स्थापना भी करनी चाहिए, जो बहुसंख्यक समाज के भी अधिकारों की रक्षा कर सके।

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