लोकतंत्र से असहिष्णुता खत्म होनी चाहिए, चाहे वो मीडिया के क्षेत्र में हो या कहीं और- राष्ट्रपति

Jan 20, 2017
लोकतंत्र से असहिष्णुता खत्म होनी चाहिए, चाहे वो मीडिया के क्षेत्र में हो या कहीं और- राष्ट्रपति

भारत के राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी कोलकाता के एक बांग्ला दैनिक के 35वें वार्षिकी समारोह को संबोधित करने पहुंचे जहां राष्ट्रपति ने मीडिया द्वारा दिखाई जा रही खबरों के प्रस्तुतीकरण बात करते हुए राष्ट्रपति ने समाज में ‘बढ़ते संघर्ष और मतभेद’ पर चिंता जताई। राष्ट्रपति ने कहा कि, सभी लोग सुबह उठने के बाद अखबार पढ़ते हैं। इसलिए मीडिया की जिम्मेदारी बनती है कि वह खबरों के प्रस्तुतीकरण के मामले में बेहद सावधानी बरते खासकर ऐसी खबरें जिसमें विचारों में मतभेद देखने को मिले। वैचारिक मतभेद लोगों में पहले भी होते थे लेकिन इस तरह की हालात दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे है। ‘इन दिनों आप जब भी अखबार पढ़ते हैं और टीवी देखते हैं तो नियमित हिंसा की खबर मिलती है। समाज में यह बहुत बढ़ता जा रहा है। जोकि मानव समाज का आम रूख नहीं है। पहले लोग एक दूसरे को प्यार करते थे, एक दूसरे को स्वीकार करते थे न कि खारिज करते थे। लोकतंत्र में असहिष्णुता को खत्म किया जाना चाहिए, चाहे वो मीडिया के क्षेत्र में हो या कहीं और।

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