दलित अपमान मामला सामने आया है, मरने के बाद दलित को जाति की वजह से जलाने भी नहीं दिया गया

Jul 12, 2016

मध्य प्रदेश में दलित अपमान का सबसे शर्मनाक मामला सामने आया है। एक दलित के शव को अंतिम संस्कार के लिए 8 घंटों तक इंतजार करना पड़ा। मृतक के परिजनों ने पूरे गांव में डोंडी पिटवा कर दाह संस्कार के लिए मुक्तिधाम में जगह मांगी, लेकिन दबंगों के कब्जे वाली मुक्तिधाम की जमीन से शव को हटवा दिया गया। दलित का शव सड़क पर पड़ा रहा और रोते बिलखते परिजन दाह संस्कार के लिए दबंगों के आगे गिड़गिड़ाते रहे।

दरअसल, गुना जिले के सानाई गांव में रहने वाले दलित रामप्रसाद का निधन हो गया था। अंतिम संस्कार के लिए रामप्रसाद के शव को मुक्तिधाम लेकर जाया गया। वहां दबंगों ने अपनी जमीन बताकर परिजनों को अंतिम संस्कार से रोक दिया। इतना ही नहीं मुक्तिधाम से शव को बाहर निकालकर सड़क पर रखने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बाद परिजन 6 घंटे तक डोंडी पीटकर अंतिम संस्कार के लिए जमीन मांगते रहे, लेकिन किसी ने संवेदनशीलता नहीं दिखाई।

शाम 6 बजे जैसे ही इस घटना की जानकारी प्रशासन को मिली तो एसडीएम भूपेंद्र परस्ते सहित समूचा प्रशासनिक अमला गांव में पहुंच गया। रात 8 बजे मुक्तिधाम में ही प्रशासन ने अपनी मौजूदगी में रामप्रसाद के शव का अंतिम संस्कार कराया। प्रशासन ने मुक्तिधाम पर कब्ज़ा करने वाले 20 दबंगों को नोटिस थमाया हैं, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी है।

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