नए भारत के लिए योगदान करें : मोदी

Mar 26, 2017
नए भारत के लिए योगदान करें : मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत ‘स्वराज से सुराज’ की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने साथ ही देश के 125 करोड़ लोगों से भारत में बदलाव लाने का प्रयास करने और ‘नए भारत’ के निर्माण में अपना योगदान करने का आग्रह किया। मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में राष्ट्र को संबोधित करते हुए सभी भारतीयों से नकद लेनदेन के स्थान पर डिजिटल भुगतान का विकल्प चुनकर काले धन और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने भ्रष्टाचार और काले धन के खिलाफ लड़ाई जारी रखने का आह्वान किया और कहा कि दृढ़ संकल्प के जरिए भारत में एक साल की जगह केवल आगामी छह महीने में ही 2.5 करोड़ डिजिटल लेनदेन का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, “लॉन्च किए जाने के दो महीने के भीतर ही भीम एप के 1.5 करोड़ डाउनलोड हुए। यह सराहनीय है।”

मोदी ने कहा, “अगर 125 करोड़ नागरिक संकल्प कर लें, तो हमें 2.5 करोड़ डिजिटल लेनेदेन के लिए एक साल का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, हम छह महीने के भीतर ही यह लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं।”

प्रधानमंत्री ने दावा किया कि आठ नवंबर को हुई नोटबंदी के बाद डिजिटल लेनदेन में भारी इजाफा हुआ है।

मोदी ने कहा, “केवल इतना सुनिश्चित करें कि आप अपने बच्चों की स्कूल फीस, रेल या हवाई यात्रा की टिकट की बुकिंग और अन्य सभी लेनदेन डिजिटल माध्यम से ही करें।”

मोदी ने पड़ोसी देश बांग्लादेश को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी और साथ ही रवींद्रनाथ टैगोर से जुड़ी भारत और बांग्लादेश दोनों देशों की साझा यादों का जिक्र किया।

उन्होंने बांग्लादेश के साथ अपने मजबूत रिश्ते को लेकर प्रतिबद्धता दोहराई और आश्वासन दिया कि दोनों देश शांति, स्थिरता और विकास के लिए कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे।

इससे पहले मोदी ने 11 मार्च के पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजों को एक ‘नए भारत’ की बुनियाद बताते हुए 2022 तक एक बदले हुए भारत के सपने को पूरा करने के लिए नागरिकों को अपनी जिम्मेदारी निभाने और योगदान करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा, “‘नया भारत’ न ही कोई सरकारी योजना है और न ही यह किसी राजनीतिक दल का घोषणापत्र है। यह देश में बदलाव लाने की 125 करोड़ भारतीयों की इच्छा है।”

उन्होंने कहा, “सब कुछ बजट या सरकारी धन से ही नहीं जुड़ा। अगर हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी और अपना दायित्व निभाने का संकल्प ले, तो उसका एक नए और बदले हुए भारत का सपना आसानी से पूरा हो सकता है।”

यह पांच राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव और उत्तर प्रदेश और तीन अन्य राज्यों में भारतीय जनता पार्टी की जीत के बाद मोदी का पहला ‘मन की बात’ कार्यक्रम था।

मोदी ने कहा, “अगर हर नागरिक संकल्प ले कि मैं यातायात के नियमों का पालन करूंगा, सप्ताह में एक बार पेट्रोल या डीजल का उपयोग नहीं करूंगा और अधिक जिम्मेदार बनूंगा और अगर हम कदम दर कदम ये सब करें तो हम एक नए भारत का अपना सपना साकार कर सकते हैं।”

मोदी ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि भी दी और लोगों को महात्मा गांधी का संगठनात्मक कौशल याद करने को कहा।

उन्होंने कहा, “2022 भारत का 75वां स्वतंत्रता दिवस होगा। आइए हम सभी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को याद करें। आइए हम चंपारण आंदोलन याद करें और स्वराज से सुराज की अपनी यात्रा को पूरी निष्ठा से पूरा करें।”

मोदी ने खाने की बर्बादी को लेकर चिंता व्यक्त की और देश की जनता से इसे रोकने का प्रयास करने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने सात अप्रैल को होने वाले विश्व स्वास्थ्य दिवस के मद्देनजर ‘अवसाद’ की समस्या से लड़ने के लिए समाज की मनोवृत्ति में बदलाव लाने और इस समस्या से पीड़ित लोगों को इसके बारे में बात करने के लिए प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी बल दिया।

उन्होंने कहा कि अवसाद कोई लाइलाज बीमारी नहीं है और सही मनोवैज्ञानिक माहौल के जरिए पीड़ित को इस समस्या से बाहर निकाला जा सकता है।

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