मुख्यमंत्री फड़नवीस के समर्थन में उतरे शंकराचार्य कहा, किसी भी समुदाय को आरक्षण देना उसे बर्बाद करना है

Oct 01, 2016
मुख्यमंत्री फड़नवीस के समर्थन में उतरे शंकराचार्य कहा, किसी भी समुदाय को आरक्षण देना उसे बर्बाद करना है

महाराष्ट्र-  मराठा आंदोलन झेल रहे मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस के समर्थन में उतर आए हैं शंकराचार्य। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने जातीय आरक्षण का विरोध करते हुए फड़नवीस का समर्थन किया है। गुरुवार को शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने एक दौरे के दौरान कहा कि देश में किसी भी तरह के जाति आधारित आरक्षण की ज़रूरत नहीं है। क्योंकि इस तरह के आरक्षण ने देश बर्बाद हो रह है।
स्वामी ने आरक्षण की कमियां गिनवाते हुए मुख्यमंत्री का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जब महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ब्राह्मण हैं तो मराठा समुदाय को आरक्षण के लिए उन्हें निशाना नहीं बनाना चाहिए।

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शंकराचार्य ने कहा “किसी भी समुदाय को आरक्षण देने का अर्थ उस समुदाय को कमज़ोर करने का आधार है ” यहां तक कि जब तक जाति आधारित आरक्षण ख़त्म नहीं होगा तब तक कोई देश प्रगति नहीं कर सकता। शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने आज कहा कि देश में जाति आधारित आरक्षण जैसे गंभीर और संवेदनशील मुद्दे को ख़त्म करने पर ज़ोर देना होगा।

एक वोट बैंक राजनीति है मराठा आरक्षण की मांग केवल । हरियाणा में जाट,राजस्थान में गुर्जर,गुजरात में पटेल और अब महाराष्ट्र में मराठा लोग, आरक्षण के लिए आंदोलनरत हैं। लेकिन उन्होंने हाल ही में आरक्षण के लिए गुजरात, हरियाणा, महाराष्ट्र और राजस्थान में हुए प्रदर्शनों और घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं से अशांति ही फैल रही है। सभी जातियां एक दूसरे से लड़ रही हैं। शंकराचार्य ने जाति आधारित आरक्षण को ख़त्म करने की मांग करते हुए कहा कि प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की राय थी कि जाति आधारित आरक्षण एक बड़ी ग़लती होगी।

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पुरी के शंकराचार्य ने देश के शैक्षणिक पाठ्यक्रमों रामायण और महाभारत का पाठ पढ़ाये जाने की ज़रूरत पर ज़ोर देते हुए मांग की कि भारतीय संविधान की मूल प्रति में रामायण और महाभारत की छवि उल्लिखित है। क़ुरान मदरसों में जबकि ईसाई स्कूलों में बाइबिल पढ़ाई गई लेकिन हिंदू स्कूलों में हमारे धर्म से जुड़ा कोई पाठ नहीं पढ़ाया गया। इसका अंत होना चाहिए। रामायण और महाभारत भी स्कूल पाठ्यक्रम में शामिल किये जाने चाहिए।

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