जीएसटी प्रावधानों के खिलाफ बंद रहा छत्तीसगढ़

Jul 01, 2017
जीएसटी प्रावधानों के खिलाफ बंद रहा छत्तीसगढ़

भाजपा शासित छत्तीसगढ़ में शुक्रवार को दवा दुकानों को छोड़कर सभी व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे। जीएसटी के प्रावधानों के विरोध में बंद का आह्वान चेम्बर ऑफ कॉमर्स ने किया था। 

चेम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष अमर परवानी ने कहा, “हम जीएसटी का नहीं, बल्कि उसके कई प्रावधानों का विरोध कर रहे हैं। जीएसटी में व्यापारी को सजा का प्रावधान नहीं रहना चाहिए। इंटरनेट खर्च बिल व्यापारी पर लागू न हो। प्रतिमाह रिटर्न के बजाय त्रैमासिक रिटर्न हो। विक्रेता यदि जीएसटी जमा नहीं करता है, तो इसमें खरीदार की जिम्मेदारी न हो।”

उन्होंने कहा कि एक सूत्रीय सरल जीएसटी की आवश्यकता है, जिसमें कर की उच्चतम दर 15 प्रतिशत से ज्यादा नहीं हो।

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परवानी ने कहा कि वर्तमान में फर्शी उद्योग को शासन ने ग्रेनाइट व मार्बल उद्योग की श्रेणी में मानकर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाया गया है जो सर्वथा अनुचित व अव्यावहारिक है। व्यापारी विकास पेनल ने शासन से मांग की है कि फर्शी उद्योग पर जो पूर्व में टैक्स फ्री था, उसे यथावत रखा जाए। यदि टैक्स छूट असंभव हो, तो 5 प्रतिशत टैक्स लगाकर फर्शी उद्योग को राहत दी जाए व मार्बल उद्योग पर 5 प्रतिशत टैक्स से 28 प्रतिशत न कर तथा उसे यथावत रखकर मार्बल उद्योग को राहत दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान में प्रदेश में फर्शी पत्थर उद्योग की 1500 खदानें हैं, जो बंद होने के कगार पर आ जाएंगी। फर्शी पत्थर प्रदेश तथा पूरे देश में गरीब, किसान, मजदूर व छोटे तबके के आम नागरिकों द्वारा उपयोग में लाया जाता है। 28 प्रतिशत टैक्स लगने पर गरीब तबके पर आर्थिक बोझ आ जाएगा।

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वहीं, विधायक श्रीचंद सुंदरानी ने कहा कि देश में 30 जून को संसद में जीएसटी की लांचिंग हो रही है, जिस पर देशभर में जश्न मनाया जाएगा। ऐसे समय में व्यापारियों के बंद रखने का कोई औचित्य नहीं है।

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