डोपिंग में फंसे पहलवान नरसिंह यादव को नाडा ने दी क्लीन चिट, रियो ओलिंपिक में जाने की संभावना बढ़ी

Aug 01, 2016

सोनीपत: डोपिंग में फंसे ओलिंपिक क्वालीफाई पहलवान नरसिंह यादव को नाडा ने क्लीन चिट दे दी है। नाडा के फैसले के बाद उनके रियो ओलिंपिक में जाने संभावना बढ़ गई है। नरसिंह को अपने रूमपार्टनर संदीप तुलसी यादव के भी डोप टेस्ट में फेल होने का फायदा मिला। नाडा डिसप्लिनरी पैनल ने माना कि संदीप ओलिंपिक टीम में नहीं हैं। उनका कोई टूर्नामेंट भी अभी नहीं है। ऐसे में पैनल को लगता है कि नरसिंह साजिश का शिकार हुए।

नाडा डिसिप्लिनरी पैनल ने कहा – नरसिंह के खाने के साथ मिलावट की गई थी। उधर, क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ( सीआईए) टीम ने रविवार को सोनीपत साई सेंटर की डायरेक्टर राधिका श्रीमान से पूछताछ की। ​सीआईए इंचार्ज इंदीवीर ने कहा कि हॉस्टल की सिक्युरिटी, बाहरी लोगों के आने जाने, प्लेयर्स की लिखित शिकायत को जांच में शामिल किया गया है। वहीं, टीम कोच सतपाल के अखाड़े में प्रैक्टिस करने वाले नाबालिग पहलवान के घर भी पुलिस पहुंची। जहां पता चला कि आरोपी कांवड़ लेने हरिद्वार गया है। सीआईए ने उसे 3 अगस्त तक जांच में शामिल होने का नोटिस दिया है। बता दें कि यह वही आरोपी है जिस पर नरसिंह के खाने में प्रतिबंधित दवा मिलाने का आरोप है। इससे पहले, नरसिंह ने नाडा के सामने सुनवाई में 500 पेज का हलफनामा पेश किया। इसमें उन्होंने साजिश की बात दोहराई।
क्या आरोप है नरसिंह पर
नरसिंह 25 जून और 5 जुलाई को हुए डोप टेस्ट फेल हो गए थे। 24 जुलाई को मामले का खुलासा होने के बाद उसके बाद ये विवाद बढ़ा। बता दें कि नरसिंह रियो ओलिंपिक में भाग नहीं लेंगे। उनकी जगह प्रवीण कुमार राणा देश की तरफ से खेलेंगे।

ये 6 बाते हैं रेसलर के खिलाफ
1.पहले के बाद दूसरे डोपिंग टेस्ट में भी फेल रहे।
2.डोपिंग की बात कबूल करनी पड़ी, कोई दलील नहीं पेश कर सके।
3. फूड सप्लीमेंट में कोई मिलावट नहीं।
4.अनजाने में डोपिंग हुई, यह साबित नहीं कर सके।
5.दोनों टेस्ट पहले हुए, खाने में मिलावट की बात बाद की है।
6.बैन दवा शरीर में कैसे पहुंची, इसकी दलील देने में नाकाम रहे।
क्या है विवाद की जड़?

2012 ओलिंपिक में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले योगेश्वर दत्त 60 Kg वेट कैटेगरी, सिल्वर जीतने वाले सुशील 66 Kg वेट कैटेगरी और नरसिंह 74 Kg वेट कैटेगरी में खेले थे।
दिसंबर 2013 में इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ एसोसिएटेड रेसलिंग स्टाइल्स (FILA) ने नियम बदले।
इसमें FILA ने रियो ओलिंपिक के लिए नई वेट कैटेगरी का एलान किया।
इसके बाद योगेश्वर 65 Kg वेट कैटेगरी में खेलने लगे। सुशील 74 Kg वेट कैटेगरी में आ गए, जिसमें नरसिंह सालों से खेलते आ रहे थे।
नियम के मुताबिक एक वेट कैटेगरी से एक देश से एक ही रेसलर ओलिंपिक में जा सकता है। यहीं से विवाद की नींव पड़ी।

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