जानिए, GST लागू होने के बाद स्टार्टअप्स को होंगे क्या फायदे और नुकसान

Aug 12, 2016
इस समय देश में कुल 4200 स्टार्टअप रजिस्टर हैं, जो 40 फीसदी की सालाना दर से बढ़ रहे हैं।

नई दिल्ली। उम्मीद की जा रही है कि जीएसटी के सफलतापूर्वक लागू हो जाने के बाद देशभर के 29 राज्यों और 7 केंद्र शासित प्रदेशों में कारोबार करना आसान हो जाएगा। जीएसटी से टैक्स संबंधी समस्याओं का समाधान होगा जिससे छोटे-बड़े सभी तरह के व्यापार को फायदा पहुंचेगा, ऐसे में स्टार्टअप के लिए भी आगे की राह का आसान होना लाजमी है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम वाला देश है। इस समय देश में कुल 4200 स्टार्टअप रजिस्टर हैं, जो 40 फीसदी की सालाना दर से बढ़ रहे हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्टार्टअप इंडिया स्टैण्डअप इंडिया जैसी स्कीमों के माध्यम से इस सेक्टर को बूस्ट देना चाहते हैं। ऐसे में देश के अब तक के सबसे बड़े टैक्स सुधार को स्टार्टअप की रोशनी में देखना जरूरी है।

जीएसटी से स्टार्टअप को होने वाले फायदे

तमाम राज्यों में लगने वाले अलग अलग तरह के अप्रत्यक्ष कर टैक्स संबंधी मुश्किलों को बढ़ा देते हैं। ऐसे में जीएसटी के माध्यम से सभी तरह के अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत करने से इस समस्या का समाधान होगा। स्टार्टअप के लिए टैक्स कैल्क्युलेशन आसान हो जाएगी। · नया व्यापार शुरू करने के लिए बिक्री कर विभाग से वैट का रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी होता है। जबकि एक से ज्यादा राज्यों में कारोबार करने के लिए हर राज्य में अलग अलग तरह की फीस देनी होती है। जीएसटी के आने के बाद कोई भी कंपनी एक केन्द्रीकृत लाइसेंस लेकर और एक सिंगल लाइसेंस फीस जमा करके किसी भी राज्य में कारोबार कर सकता है। · 5 लाख रुपए से ज्यादा का टर्नओवर होने पर वैट लगता है। जबकि 10 से 50 लाख तक के टर्नओवर पर टैक्स छूट के लिए वैट कम्पोजीशन स्कीम को चुना जा सकता है। इस स्कीम में तमाम नियम एवं शर्ते होती हैं, जिस वजह से सभी इसका फायदा नहीं उठा पाते। जबकि जीएसटी में सभी बिजनेस जिनका टर्नओवर 10 लाख रुपए तक का है जीएसटी के दायरे में नहीं आएंगे। साथ ही 10 से 50 लाख तक के टर्नओवर वाले बिजनेस पर कम दर से टैक्स लगेगा। इस तरह स्टार्टअप को ज्यादा टैक्स छूट का लाभ मिल सकेगा। · क्रिसिल की एक रिपोर्ट के मुताबिक जीएसटी लागू होने के बाद कंपनियों का लॉजिस्टिक पर होने वाला खर्च कम हो जाएगा। लॉजिस्टिक पर खर्च कम होने से स्टार्टअप का मुनाफा बढ़ जाएगा। पूरे देश में कॉमन मार्केट हो जाने के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में माल का आवागमन आसान हो जाएगा। जिससे ग्राहक तक माल पहुंचाने की लागत और समय दोनों में कमी आएगी।

जीएसटी से स्टार्टअप्स को होने वाले नुकसान

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स के लिए जीएसटी के आने बाद कुछ दिक्कतें हो सकती है। मौजूदा नियम के मुताबिक कोई भी मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस जिसका टर्नओवर सालाना 1.50 करोड़ रुपए से कम है उसको किसी तरह की कोई भी ड्यूटी नहीं देनी पड़ती है। जीएसटी के लागू होने के बाद यह लिमिट 25 लाख रुपए हो जाएगी, जो तमाम स्टार्टअप के लिए नकारात्मक साबित हो सकता है। जीएसटी की टैक्स कलेक्शन एट सोर्स गाइडलाइंस के मुताबिक ई-कॉमर्स कंपनियों को हर महीने और तिमाही आधार पर रिटर्न फाइल करना होगा। इस कम्प्लाइंस लागत बढ़ जाएगी। साथ ही ई-कॉमर्स कंपनियों को पोर्टल के जरिए की गई बिक्री पर टैक्स टैक्स एकत्र करना होगा। जीएसटी लागू होने के बाद खाने पीने की चीजे महंगी हो जाएंगी, जिसकी वजह से महंगाई बढ़ेगी। अभी इस बात पर भी स्पष्टता आना बाकी है कि जीएसटी के अंतर्गत मंडी टैक्स जैसी चीजों को शामिल किया जाएगा या नहीं। इस तरह की विसंगतियां फूड स्टार्टअप के लिए दिक्कत पैदा करेंगी।

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