अमेजन भारत में करेगी और 20,000 करोड़ का निवेश

Jun 09, 2016
ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन भारत में और तीन अरब डॉलर (करीब 20,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी।

वाशिंगटन, (पीटीआई) दिग्गज अमेरिकी ई-कॉमर्स कंपनी अमेजन भारत में और तीन अरब डॉलर (करीब 20,000 करोड़ रुपये) का निवेश करेगी। यूएस-इंडिया बिजनेस काउंसिल (यूएसआइबीएस) की सालाना बैठक में कंपनी के संस्थापक एवं सीईओ जेफ बेजोस ने यह एलान किया।

इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मौजूद थे। निवेश की यह राशि पूर्व में घोषित दो अरब डॉलर (लगभग 13,400 करोड रुपये) के अलावा होगी। कंपनी तेज रफ्तार भारतीय अर्थव्यवस्था में ऑनलाइन शॉपिंग के बढ़ते रुझान का पूरा लाभ उठाना चाहती है। यूएसआइबीएस से जुड़ी सभी कंपनियां कुल मिलाकर 45 अरब डॉलर (तकरीबन 3,00,000 करोड़ रुपये) का अतिरिक्त निवेश करेंगी।

इस मौके पर बेजोस ने कहा कि अमेजन पहले ही भारत में 45,000 लोगों के लिए नौकरियों के अवसर पैदा कर चुकी है। भारतीय अर्थव्यवस्था की संभावनाओं को देखते हुए कंपनी आगे भी ऐसा करती रहेगी। अमेजन ने वर्ष 2013 के दौरान भारतीय बाजार में प्रवेश किया था। अमेजनअमेरिकी कंपनी को फ्लिपकार्ट और स्नैपडील जैसी घरेलू ई-कॉमर्स दिग्गजों से तगड़ी टक्कर मिल रही है।

स्टार लगाएगी पांच अरब डॉलर

इस बैठक के दौरान स्टार इंडिया ने भी अगले तीन साल में भारत में पांच अरब डॉलर (करीब 33,500 करोड़ रुपये) के अतिरिक्त निवेश की घोषणा की। कंपनी के चेयरमैन एवं सीईओ उदय शंकर ने कहा कि भारतीय बाजार में अत्यधिक संभावनाएं नजर आ रही हैं। उनकी कंपनी भारत के मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में सबसे बड़ी निवेशक है।

अब तक 28 अरब डॉलर का निवेश

यूएसआइबीएस के चेयरमैन जॉन चैंबर्स ने बैठक के दौरान बताया कि संगठन से जुड़ी 20 फीसद कंपनियां पहले ही भारत में 28 अरब डॉलर (लगभग 1,87,600 करोड़ रुपये) का निवेश कर चुकी हैं। सदस्य कंपनियों ने संकेत दिया है कि वे 45 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश करने की राह पर अग्रसर हैं। चैंबर्स इस दौरान मोदी की तारीफ करने से भी नहीं चूके।

भारत ग्लोबल ग्रोथ का नया इंजन : मोदी

वाशिंगटन। भारत ग्लोबल आर्थिक विकास में ग्रोथ के नए इंजन के रूप में अपनी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित देशों से भारत जैसे मुल्कों की वस्तुओं व सेवाओं के लिए अपना बाजार खोलने की अपील करते हुए यह बात कही।

यूएसआइबीसी की सालाना बैठक के दौरान अपने संबोधन में मोदी ने कहा, ‘यह ऐसा दौर है जब दुनिया को विकास के एक नए इंजन की जरूरत है। यह और भी बढि़या होगा कि नए इंजन लोकतांत्रिक देश होंगे। भारत इस भूमिका को निभाने के लिए दुनिया में अपना योगदान करने के लिए तैयार है। लगातार बड़ी होती भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया के लिए कई तरह से लाभदायक साबित होगी। भारत बाजार के अलावा भी बहुत कुछ है। अमेरिकी पूंजी व इनोवेशन और भारतीय मानव संसाधन व उद्यमिता का सहकार बेहद कारगर साबित हो सकता है।’ फिलहाल भारत की रफ्तार बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में सबसे ज्यादा है।

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