देवर ने भाभी के सीने और प्राइवेट पार्ट पर एसिड मिला केरासीन डाला, पुलिस मानने से इन्कार

Jun 29, 2016

रायगढ़, छत्तीसगढ़। महिलाओं पर एसिड हमले को लेकर उच्चतम न्यायालय तक संजीदा है, लेकिन जिले की कोतवाली पुलिस को एसिड और केरोसीन तेल का फर्क नहीं पता। एसिड से झुलसी महिला के मामले में कोतवाली टीआई ने आरोपी को जहां तत्काल क्लीन चीट दे दी। वहीं डॉक्टर और पीड़िता दोनों कह रहे हैं कि मामला एसिड फेंकने का है। बहरहाल विवाहिता का इलाज जारी है।

नई दुनिया की रिपोर्ट के अनुसार महिला ने देवर सैयद पर आरोप लगाते कहा कि 26 जून की सुबह तकरीबन 10 बजे जब वह बाथरूम में घुसी तब देवर उससे विवाद करना लगा। विवाद के बाद वह उसके सीने व गुप्तांग में एसिड मिला केरासीन छिड़क दिया। इसके बाद महिला के शरीर में बुरी तरह जलन शुरू हुई। उसने बताया कि जलन होने के बाद उसे एक कमरे में बंद कर दिया और बाहर नहीं निकलने का दबाव बनाने लगे।

इसके चलते महिला एक दिन कमरे में कैद दर्द से तड़प रही। अगले दिन उसने किसी तरह मकान से चोरी छिपे बाहर निकली और ऑटो में सवार होकर एसपी कार्यालय पहुंची। पुलिस अधीक्षक से मिलकर उसने अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद महिला को तत्काल मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया। अस्पताल के फिमेल सर्जिकल वार्ड में पीड़िता का इलाज किया जा रहा है।
महिला की जांच करने वाले डॉ. कमल का मानना है कि महिला पर एसिड का छिड़काव किया गया है। क्योंकि केरोसीन के संपर्क में आने के बाद किसी का अंग इतनी बुरी तरह नहीं झुलसता। लेकिन पुलिस इसको मानने से इनकार कर रही है। पुलिस का मानना है कि केरोसीन के चलते महिला का शरीर झुलसा होगा। ऐसे में पुलिस की कार्यशैली मामले में संदिग्ध नजर आ रही है। शासकीय अस्पताल के फिमेल सर्जिकल वार्ड में उपचार करा रही महिला का आरोप है कि उसके प्राइवेट पार्ट और सीने में एसिड से हमला किया गया। जिससे शरीर के दोनों भाग बुरी तरह से झुलस गए।

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