ब्रेक्ज़िट: ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन से होगा बाहर, पक्ष में 52 प्रतिशत वोट

Jun 24, 2016

यूरोपीय संघ (ईयू) की सदस्यता को लेकर किए गए इस जनमत के नतीजों के अनुसार ब्रिटने ईयू से बाहर हो गया है.

ब्रिटेन के 28 देशों के संगठन यूरोपीय संघ में बने रहने या बाहर जाने को लेकर जनमत संग्रह में भारी तादाद में मतदान हुआ. इस ऐतिहासिक जनमत संग्रह में कांटे की टक्कर रही लेकिन अंतत: ‘लीव’ अभियान ने 52 प्रतिशत मत हासिल किए हैं जबकि ‘रिमेन’ खेमे के पक्ष में 48 प्रतिशत वोट आए हैं. इससे अब यह तय हो गया कि ब्रिटेन यूरोपीय युनियन से बाहार होगा. इस फैसला का दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर असर पड़ेगा.

धुर दक्षिणपंथी यूके इंडीपेंडेंस पार्टी (यूकेआईपी) के नेता नीगेल फेरेज ने बहुत पहले ही जीत की घोषणा करते हुए कहा था, ‘यह सपना देखने की हिम्मत दिखाइए कि स्वतंत्र ब्रिटेन में सूर्योदय हो रहा है..23 जून हमारा स्वतंत्रता दिवस होगा.’ इस जनमत संग्रह में 72 प्रतिशत का भारी मतदान देखने को मिला.

इस मतदान का फैसला वर्ष 1975 में हुए उस जनादेश को उलट रहा है, जिसमें ब्रिटेन ने यूरोपियन इकोनॉमिक कम्युनिटी का सदस्य बने रहने के लिए मतदान किया था. यह समूह बाद में यूरोपीय संघ बन गया था.

इस जनमत संग्रह का परिणाम ब्रिटेन की सरकार के लिए कानूनी तौर पर बाध्यकारी तो नहीं है लेकिन डेविड कैमरन ने बार-बार यही वादा किया है कि जनता की इच्छा को स्वीकार किया जाएगा.

बाजारों पर ब्रेग्जिट का डर हावी है. यूरोपियन यूनियन से ब्रिटेन के अलग होने की खबर की आहट मिलते ही शेयर बाजार में कोहराम मच गया है. शुक्रवार को बाजार भारी गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आ रहा है. सेंसेक्स करीब 900 से ज्यादा अंक टूटा है, वहीं, निफ्टी में 300 अंकों की गिरावट हुई.

यूरोपीय संघ में बने रहने और इससे बाहर निकलने के समर्थन में चले दोनों तरह के अभियानों ने बड़ी संख्या में लोगों को लुभाया और करीब 4.6 करोड़ लोग इस प्रकिया में शामिल हुए, जिनमें 12 लाख भारतीय मूल के ब्रिटेन के नागरिक हैं. प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने यूरोपीय संघ में बने रहने की अपील की और ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने (ब्रेक्जिट) से जुड़े अभियान के झूठ को खारिज किया.

प्रधानमंत्री ने अपनी पत्नी सामंता के साथ वेस्टमिंस्टर के एक मतदान केंद्र में मत दिया जो उनके डाउनिंग स्ट्रीट कार्यालय से कुछ ही गज की दूरी पर है जहां से वह इसके नतीजे पर नजर रखेंगे. कैमरन ने बुधवार को बरमिंघम में समर्थकों से कहा, ‘तथ्य यह है कि यदि हम बाहर निकलते हैं तो हमारी अर्थव्यवस्था कमजोर होगी, जबकि यदि बने रहते हैं तो यह मजबूत होगी.’

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook पेज को Join करे

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>