ब्राह्मण मरता है तो कुछ नहीं होता, मुस्लिम मरे तो चिल्लाने लगते हैं लोग: स्वरुपानंद

Jun 11, 2016

स्वामी स्वरुपानंद सरस्वती ने अमित शाह और बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि, राजनैतिक फायदे के लिए दलितों के साथ उज्जैन में क्षिप्रा नदी में स्नान करने की एक नयी परंपरा स्थापित की गई। नदियों, मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर जाति, धर्म या वर्ण के आधार पर कोई भेदभाव नहीं है। बिसहड़ा मामले पर स्वरूपानंद ने कहा, ‘जब कोई ब्राह्मण मरता है, तो सरकार को सहिष्णुता नहीं दिखती। लेकिन जब कोई अल्पसंख्यक मरता है तो चिल्लाने लगते हैं।’

उन्होंने अखिलेश यादव पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी क्यों नहीं पूरी करती। जब गौहत्या पर प्रतिबंध है, तो फिर कोई ऐसा क्यों करता है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘अभी भी आए दिन उत्तर प्रदेश व हरियाणा के एक बड़े हिस्से से असम व पश्चिम बंगाल को निरंतर गायों की तस्करी की जा रही है। उनका खुलेआम वध किया जा रहा है। गौहत्या बंद होने के बावजूद अगर सरकार रोकथाम नहीं कर पाती तो निश्चित ही यह उसकी विफलता का सूचक है।’

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