मायावती का सवाल, दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को क्या केंद्र रोजी-रोटी दे पाएगी?

Aug 21, 2016
मायावती का सवाल, दो से ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को क्या केंद्र रोजी-रोटी दे पाएगी?

बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोदी और संघ परिवार पर निशाना साधा है। आगरा में एक रैली के दौरान मायावती ने कहा कि संघ प्रमुख कह रहे हैं कि हिन्दू ज्यादा बच्चे पैदा करें, लेकिन क्या केंद्र सरकार दो बच्चे से ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले को रोटी रोजी दे पाएगी? अगर नहीं तो फिर ऐसी सलाह का क्या फायदा। मायावती ने कांग्रेस पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली को बर्बाद करने वाली शीला दीक्षित को यूपी पर थोप दिया है।

वहीं बीजेपी ने मायावती के आगरा की रैली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले पर पलटवार करते हुए आज कहा कि बसपा प्रमुख दलित की राजनीति के जरिए सिर्फ दौलत बटोरने का काम कर रही है, सपा एवं बसपा के बीच ‘सांठगांठ की राजनीति’ चल रही है और 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश पर दशकों से शासन करने वाले इन दोनों दलों को हिसाब देना होगा।

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा कि विकास विरोधी, दलित विरोधी पार्टियों को केंद्र सरकार के गांव, गरीब, दलित, किसान उन्मुख कार्यों की सफलता पच नहीं रही है। इसलिए ऐसे दल झूठे और मनगढंत आरोप लगाकार भाजपा को बदनाम करने की साजिश रचते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जनता इनकी सचाई समझ गई है। उत्तरप्रदेश के आगरा में मायावती का भाषण झूठ का पुलिंदा है और इससे स्पष्ट होता है कि इनके पांव के नीचे से जमीन खिसक गई है, उनका तानाशाहीपूर्ण रवैया पूरी तरह से स्पष्ट हो गया है । दलितों के नाम पर राजनीतिक करके टिकटों को बेचना और धन उगाही करना इनका धंधा बन गया है।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि 2017 के विधानसभा चुनाव में उत्तरप्रदेश पर दशकों से शासन करने वाले इन दोनों दलों को हिसाब देना होगा । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को 2019 में लोगों के सामने रिपोर्ट कार्ड रखना है और हम उस समय पाई पाई और एक एक दिन का हिसाब देंगे। भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि मायावती अपने शासनकाल के दौरान विफलताओं का ठीकरा दूसरों पर नहीं फोंडे । आज जनता विकास और सुशासन चाहती है और 2017 के चुनाव में बसपा प्रमुख को जनता को जवाब देना है। वे जनता को गुमराह करने का प्रयास न करें । बसपा प्रमुख पर जुमलेबाजी छोड़ने और जनता के कल्याण की बात करने पर ध्यान देने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि बसपा और सपा के शासनकाल में उत्तरप्रदेश में अपराध का बोलबाला रहा । स्वास्थ्य पदाधकारियों की हत्या हुई । लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। आज उत्तरप्रदेश में न तो जनता सुरक्षित है और न ही पुलिस कर्मी सुरक्षित हैं।

श्रीकांत शर्मा ने कहा कि जनता परेशान है। उन्हें बिजली, पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। उन्होंने कहा कि तिलक, तराजू और तलवार. इनको मारों जूते चार का बयान देने वालों के मुख से सर्वजन हिताया, सर्वजन सुखाय का नारा शोभा नहीं देता है। यह महज दिखावा है। उन्होंने कहा कि अगर इनको महिलाओं के सम्मान की कोई चिंता है तो इन्हें नारियों का अपमान करने वाले अपनी पार्टी के नेता नसीमुद्दीन सिद्दिकी को तत्काल बख्रास्त करना चाहिए और राज्य की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

भाजपा नेता ने कहा कि उत्तरप्रदेश के लोगों को आज भी राज्य में भाजपा का शासन याद है जब गांव गांव में बिजली पानी मुहैया कराने की पहल की गई थी । नहरों में खेती के लिए पानी उपलब्ध कराया गया था और अपराधियों के बीच कानून का खौफ था । आज लोग परेशान हैं। शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने गांव, गरीब, दलितों और किसानों की भलाई के लिए अनेक पहल की है । इसमें मुद्रा बैंक के जरिये दलितों एवं गरीबों के व्यवसाय का पोषण किया जा रहा है और स्टार्ट अप के जरिये दलितों, आदिवासियों और महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है।

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