भाजपा ने ओबीसी विधेयक के विरोध पर कांग्रेस की निंदा की

Apr 16, 2017
भाजपा ने ओबीसी विधेयक के विरोध पर कांग्रेस की निंदा की

राज्यसभा में ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) आयोग को संवैधानिक दर्जा देने संबंधित विधेयक के विरोध पर कांग्रेस और विपक्षी दलों की निंदा करते हुए भाजपा ने रविवार को आरोप लगाया कि कांग्रेस व अन्य विपक्षी दलों ने गरीबों को लाभ से वंचित कर दिया। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने यहां दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में एक विशेष प्रस्ताव पास कर विधेयक को रोके जाने की निंदा की और इसे संवैधानिक दर्जा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मीडिया से कहा, “आज मोदी की अगुवाई वाली भाजपा सरकार ने समाज में बराबरी लाने के लिए कदम उठाए हैं, इससे कांग्रेस और दूसरी क्षेत्रीय पार्टियां निराश हैं और उनकी निराशा जाहिर है।”

उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने हमेशा समाज के पिछड़े वर्गो के हितों को दबाया है और उन्हें सिर्फ झूठी उम्मीदें दी हैं।”

उन्होंने कहा कि जिस तरीके से राज्यसभा में विधेयक का विरोध किया गया, यह इनके पिछड़े वर्गो के प्रति दृष्टिकोण को उजागर करता है।

मंत्री ने कहा, “यह स्पष्ट है कि इतने लंबे समय तक सत्ता में होने के बावजूद कांग्रेस ने पिछड़े वर्गो के हितों के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया। अब जब भाजपा को देश पर शासन का जनादेश मिला है तो सरकार ने प्राथमिकता के तौर पर इन मुद्दों से प्राथमिकता के आधार पर निपटकर लक्ष्य हासिल किया है।”

प्रस्ताव में आरोप लगाया गया है कि काका कालेलकर आयोग (1950) और मंडल आयोग (1979) के सुझावों के बावजूद कांग्रेस सरकारों ने इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की।

प्रस्ताव में कहा गया है, “यह विदित है कि ओबीसी संसदीय समिति ने इस संदर्भ में एक सिफारिश की है और सभी दलों के सांसदों ने निजी तौर पर प्रधानमंत्री से इस संबंध में संविधान संशोधन का आग्रह किया है। इन सुझावों को ध्यान में रखते हुए भाजपा की अगुवाई वाली सरकार ने कड़े कदम उठाए और इस मुद्दे पर लोकसभा में सहमति बनाने में कामयाब रही।”

इस प्रस्ताव को भाजपा के ओबीसी सांसद हुकुमदेव नारायण यादव ने रखा और इसका झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जैसे मुख्यमंत्रियों ने अनुमोदन किया।

हालांकि, जावड़ेकर ने आने वाले महीनों में विधेयक के पास होने की उम्मीद जताई।

उन्होंने कहा, “यह मुद्दा पिछड़े वर्गो के हित से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, इसलिए इसका समर्थन हर दल को करना चाहिए।”

उन्होंने कहा, “यह वास्तव में एक बहुत महत्वपूर्ण कदम है, जो गरीबों के जीवन स्तर में सुधार लाने और उन्हें मुख्यधारा में लाने में सहायक होगा। यह पिछड़े वर्गो की लंबे समय से लंबित सामाजिक न्याय की मांग को पूरा करता है।”

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