हरियाणा से राज्यसभा के लिए निर्वाचित बिरेंद्र सिंह, मीडिया दिग्गज सुभाष चंद्रा

Jun 13, 2016

केंद्रीय मंत्री बिरेंद्र सिंह हरियाणा से राज्यसभा के लिए फिर निर्वाचित हो गए जबकि मीडिया दिग्गज एवं भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा ने क्रॉस वोटिस के साये तले हुए मुकाबले में दूसरी सीट जीत ली.

राज्य के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने चंडीगढ़ में मीडिया को बताया कि कांग्रेस के 14 वोट खारिज कर दिये जाने के बाद चंद्रा ने इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) और कांग्रेस समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार आर के आनंद को हराया.

सिंह की आसान जीत करीब-करीब पक्की थी जबकि दूसरी सीट के लिए चंद्रा और आनंद के बीच मुख्य मुकाबला था.

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने इस द्विवार्षिक चुनाव में एक सीट के लिए इनेलो समर्थित वकील आनंद के लिए कल समर्थन की घोषणा की थी.

शर्मा ने बताया कि हरियाणा विधानसभा में 90 सदस्य हैं. नब्बे में सिंह को 40 वोट, आनंद को 21 और चंद्रा को 15 वोट मिले, जबकि 14 वोट खारिज कर दिए गए. अतएव 14 वोट के खारिज होने की स्थिति में सिंह को अपनी जीत के लिए 26 वोट की ही जरूरत थी और उनके 14 वोट द्वितीय वरीयता के रूप में चंद्रा के पास चले गए जिससे चंद्रा के वोट 29 हो गए.

फिलहाल हरियाणा विधानसभा में भाजपा के 47 विधायक, इनेलो के 19, कांग्रेस के 17 (कुलदीप बिश्नोई की दो सदस्यीय हरियाणा जनहित पार्टी के हाल में कांग्रेस में विलय के बाद) तथा बसपा और शिअद के एक-एक विधायक हैं.

पुनर्निर्वाचित होने के बाद सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को उन्हें फिर से नामांकित करने के लिए धन्यवाद दिया. हालांकि उन्होंने कहा कि यह उनकी आखिरी पारी होगी.

उन्होंने यह कहते हुए खरीद-फरोख्त के आरोपों का खंडन किया कि ऐसा कुछ नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ”कांग्रेस के वोट अवैध पाए गए. मेरी जीत के लिए जरूरी वोट के बाद मेरे हिस्से के वोट चंद्रा के पास चले गए और उनके वोटों की संख्या 29 हो गयी.”

सिंह ने 14 वोटों के खरिज होने का जिक्र करते हुए दावा किया कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने आनंद के साथ वही किया था जो उन्होंने उनके साथ किया.

अपने उम्मीदवार आनंद के हार जाने के बाद हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता और इनेलो नेता अभय सिंह चौटाला ने कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया, ”कांग्रेस पार्टी के वोट इसलिए खारिज हो गए क्योंकि उन्होंने वोटिंग कक्ष में निर्वाचन अधिकारी द्वारा दिए गए पेन के बजाय दूसरे पेन से अपना वोट दर्ज किया.”

परेशान चौटाला ने कहा, ”भाजपा को सांप्रदायिक दल कहने वाली कांग्रेस ने उसके साथ समझौता किया और वह इस भगवा पार्टी की बी टीम बन गयी.”

चंद्रा की जीत पर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और इनेलो का अपवित्र गठबंधन खारिज हो गया.
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