30 साल पहले विधेयक समेत, राज्यसभा में 45 विधेयक लंबित

Jun 15, 2016

राज्यसभा में अभी 45 विधेयक लंबित हैं उनमें से कुछ तो ऐसे हैं जो करीब 30 साल पहले ही सदन में पेश किए गए थे, वहीं लोकसभा में मई में समाप्त सत्र तक पांच विधेयक ऐसे थे जिनका निपटारा किया जाना है.

राज्यसभा में लंबित विधयेकों में संविधान (122वां संशोधन) विधेयक भी शामिल है. इस विवादित विधेयक को जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर विधेयक भी कहा जाता है. लोकसभा से पारित होने के बाद इस विधेयक को पिछले साल अगस्त में उच्च सदन में पेश किया गया था.

एक अन्य प्रमुख विधेयक सूचना प्रदाता सुरक्षा (संशोधन) विधेयक, 2015 भी सदन में लंबित है. यह विधेयक पिछले साल दिसंबर में पेश किया गया था और इस पर चर्चा अभी पूरी नहीं हुयी है. इस साल के दोनों सत्रों में इस विधेयक पर आगे चर्चा नहीं हो सकी.

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लोकसभा में लंबित महत्वपूर्ण विधेयकों में उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2015 और बेनामी लेनदेन निषेध संशोधन विधेयक, 2015 शामिल हैं.

वित्त मंत्री अरूण जेटली ने संकेत दिया था कि संसद के अगले सत्र में जीएसटी विधेयक की दिशा में प्रगति हो सकती है. इसके साथ ही उन्होंने भरोसा जताया था कि विधेयकों का समर्थन करने वाले दलों की शक्ति राज्यसभा में बढ़ने से ‘विधायी कार्यों’ में तेजी आयेगी और कार्यवाही में व्यवधान पैदा नहीं होगा.

उनसे राज्यसभा के लिए हाल में हुए चुनाव के परिणाम में कांग्रेस के सदस्यों की संख्या में कमी आने और जीएसटी विधेयक की संभावना के बारे में पूछा गया था. मुख्य विपक्षी पार्टी जीएसटी विधेयक का विरोध कर रही है और कुछ संशोधनों की मांग कर रही है. संसद के पिछले कुछ सत्रों में हंगामेदार स्थिति रही थी. लेकिन सरकारी कामकाज के लिहाज से पिछले सत्र के कामकाज में सुधार हुआ. हालांकि लंबित विधेयकों की समस्या राजग सरकार के दो साल तक ही सीमित नहीं है.

कुछ विधेयक तो दशकों से लंबित हैं. इनमें भारतीय चिकित्सा परिषद (संशोधन) विधेयक, 1987 प्रबंधन में कामगारों की हिस्सेदारी विधेयक 1990 और संविधान (79वां संशोधन) विधेयक, 1992 शामिल हैं. चिकित्सा परिषद विधेयक पर संयुक्त समिति की रिपोर्ट जुलाई 1989 में पेश की गयी वहीं कामगार प्रबंधन विधेयक पर संसद की स्थायी समिति की रिपोर्ट विधेयक पेश होने के 11 साल बाद यानी दिसंबर 2001 में राज्यसभा में पेश की गयी.

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अन्य प्रमुख लंबित विधेयकों में वक्फ संपत्ति (अनधिकृत कब्जे से मुक्ति) विधेयक, 2014, भूमि अधिग्रहण संशोधन विधेयक 2016 शामिल हैं. उच्च सदन में लंबित विधेयकों में निजी जासूसी एजेंसियां विधेयक 2007 शामिल है. गृह मंत्रालय से संबंधित इस विधेयक पर स्थायी समिति की रिपोर्ट फरवरी 2009 में ही पेश कर दी गयी थी.
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