एसबीआर में गुंडागर्दी, पीजी सीटों को लेकर विवाद

Aug 04, 2016

एसबीआर में गुंडागर्दी, पीजी सीटों को लेकर विवाद

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

शासकीय जेपी वर्मा कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (एसबीआर) के कैंपस में बुधवार को एक बार फिर गुंडागर्दी देखने को मिली। पीजी की सीटों पर अपना हक जमाने एबीवीपी के दो गुटों के बीच जमकर विवाद हुआ। प्राचार्य कक्ष में करीब एक घंटे तक गहमागहमी का माहौल रहा। इन सबके चलते छात्र-छात्राएं पूरे समय तक दहशत में रहे।

छात्र संघ चुनाव के नजदीक आते ही कॉलेजों में माहौल गरमाने लगा है। बुधवार को जरहाभाठा स्थित एसबीआर कॉलेज में भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। एबीवीपी के दो गुट आपस में भिड़ते नजर आए। विवाद इतना बढ़ गया कि एक घंटे तक प्राचार्य कक्ष में सभी डटे रहे। दरअसल मामला पीजी की सीटों में हक जमाने को लेकर था। मिली जानकारी के मुताबिक बिलासपुर विश्वविद्यालय परीक्षा विभाग द्वारा देरी से रिजल्ट घोषित होने से 14 अगस्त तक प्रवेश प्रक्रिया चलेगी। यहां एबीवीपी के दो गुट हैं। पहला शैलेंद्र यादव और दूसरा सागर बंजारे। दोनों ही गुट सीट बंटवारे में हिस्सेदारी मांग रहे हैं, ताकि उनके लाए स्टूडेंट को प्रवेश मिल सके। बताया यह भी गया कि अभी तक बीए प्रथम वर्ष की 25 सीटों में प्रवेश बाकी है। जनभागीदारी समिति के माध्यम से इन पर प्रवेश होना है। इसे लेकर भी दोनों गुटों में सहमति नहीं बन सकी है। यही वजह है कि वे अपनी राजनीति चमकाने अब प्राध्यापकों पर जोर आजमाइश कर दबाव बना रहे हैं। इस वजह से प्राचार्य कक्ष में एक घंटे तक हंगामा होता रहा। असामाजिक तत्व और बाहरी युवक भी अपनी रोटी सेंकने कैंपस में सक्रिय नजर आए। वे नवप्रवेशी छात्रों को धमकाने कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वहीं कॉलेज प्रशासन मामले में कुछ भी बोलने से बच रहा है तो पुलिस भी मौन है।

तीसरा गुट भी तैयार

एबीवीपी में दो के बाद अब तीसरा गुट भी तैयार है। इसमें कौशलेंद्र राव विधि महाविद्यालय के पूर्व अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के सदस्य आदित्य तिवारी ने मोर्चा संभाला है। बताया जा रहा है कि पार्टी के बड़े नेताओं ने पिछले साल एबीवीपी में दो फाड़ के बाद इस बार रणनीति के तहत उसे जिम्मेदारी दी है। इससे अब नया विवाद शुरू हो गया है।

पोस्टर और गाड़ियां नियम विरूद्ध

कॉलेज कैंपस में यूजीसी नियमों के विरूद्ध एबीवीपी द्वारा पोस्टर चिपकाए गए हैं। यही नहीं, पार्टी के नाम से कई गाड़ियां भी खड़ी कर राजनीति चमका रहे हैं। कैंपस में इसे लेकर कई बार विवाद भी हो चुका है। पिछली बार पूर्व प्राचार्य स्व.डॉ.अरविंद शर्मा ने शासन को बिगड़ते माहौल और शिक्षकों की सुरक्षा की मांग करते शासन को पत्र लिखकर इस्तीफा देने तैयार हो गए थे। उन्होंने पुलिस प्रशासन को भी पत्र लिखकर अवगत कराया था। कैंपस में अब दोबारा वही माहौल नजर आने लगा है।

प्राचार्य नियुक्ति नहीं, व्यवस्था बिगड़ी

पूर्व प्राचार्य के देहांत के बाद से यहां शासन ने अब तक प्राचार्य नियुक्त नहीं किया है। प्राध्यापक अनुभव के आधार पर डॉ.सुधीर शर्मा को प्रभारी मानकर जैसे-तैसे व्यवस्था चला रहे हैं। इस वजह से अभी तक शिक्षकों को वेतन तक नहीं मिला है। कैंपस में व्यवस्था बिगड़ती जा रही है। इसकी शिकायत शासन से की जा चुकी है। बावजूद किसी का ध्यान नहीं है।

सीटों को लेकर विवाद जैसी कोई बात नहीं है। हम तो ऐसे ही छात्रों से मिलने आए थे। किसी से टकराव या लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ है।

शैलेंद्र यादव

पूर्व छात्र नेता, भाजपा नेता

सीट को लेकर चर्चा चल रही है। निर्णय को लेकर जानकारी नहीं है। प्रभारी प्राचार्य, विषय विशेषज्ञ और जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष मौजूद हैं। पीजी में अभी काफी सीटें खाली हैं।

सागर बंजारे

भाजयुमो कार्यकर्ता

रिक्त सीटों को लेकर प्राचार्य से मिलने आया था। हम गणना कर रहे हैं। सब बारी-बारी से मिलने आ रहे हैं। इसमें किसी को कोई दिक्कत नहीं होनी चाहिए। व्यवस्था सुधार पर चर्चा की गई है।

मंजीत पूरी गोस्वामी

अध्यक्ष,जनभागीदारी समिति

एसबीआर कॉलेज

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

Jan 19, 2018

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>