सिमी मददगार मामले में दो गवाहों का दर्ज हुआ बयान

Aug 07, 2016

सिमी मददगार मामले में दो गवाहों का दर्ज हुआ बयान

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

एनआईए की विशेष अदालत में शनिवार को प्रतिबंधित आतंकी संगठन सिमी के लिए काम करने वाले आरोपियों को पेश किया गया। उनकी मौजूदगी में आईसीआईसीआई बैंक के कस्टमर सर्विस मैनेजर व चाय-नाश्ते की दुकान चलाने वाले की गवाही हुई।

रायपुर पुलिस ने जून 2014 में रायपुर के खमतराई स्थित चिकन सेंटर चलाने वाले धीरज साव पिता स्व. बिंदश्वरी साव को प्रतिबंधित संगठन सिमी के लिए काम करने के आरोपी में गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पाकिस्तान से खालिद नाम के सिमी संगठन के सदस्य ने उसे मोबाइल पर काम किया और कमीशन का लालच देकर उसे एकाउंट में रकम जमा कराने कहा। पूछताछ में यह भी पता चला है कि पाकिस्तान से उसके खाते में रकम जमा की जाती थी। इसमें से वह 13 फीसदी राशि अपने पास रखकर शेष रकम को कनार्टक के रहने वाले जुबैर हुसैन व उसकी पत्नी आयशा बानो समेत अन्य के खाते में जमा करता था। पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग प्रकरण दर्ज किया है। इसमें एक माले में धीरज साव के खिलाफ अपराध दर्ज है। दूसरे प्रकरण में उमेर सिद्दीकी व अजहरुद्दीन, जुबैर हुसैन, आयशा बानो समेत 15 अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज कर एनआईए को मामला सौंप दिया गया। प्रकरण में एनआईए की विशेष अदालत में चालान पेश किया गया है। इस मामले में कोर्ट में ट्रायल शुरू हो गया है। मुख्य गवाह का प्रतिपरीक्षण होने के साथ ही शनिवार को मामले के गवाही व आईसीआईसीआई बैंक के कस्टमर सर्विस मैनेजर व चाय-नाश्ता दुकान संचालक धनंजय झा की गवाही हुई। मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों को भी कोर्ट में पेश किया गया। गवाह व बैंक के कस्टमर सर्विस मैनेजर ने स्वीकार किया है कि पाकिस्तान से धीरज साव के एकाउंट में रकम जमा कराया जाता था, जिसे वह अन्य आरोपियों के खाते में जमा करता था। इस मामले में दोनों गवाहों का बयान दर्ज होने के बाद अब अगली सुनवाई में उनका प्रतिपरीक्षण किया जाएगा।

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