बारिश तेज हुई तो खतरनाक हो जाएंगी सड़कें

Aug 08, 2016

बारिश तेज हुई तो खतरनाक हो जाएंगी सड़कें

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

पिछले एक सप्ताह से मौसम विभाग भारी बारिश की चेतावनी दे रहा है। ऐसे में अगर उनका पूर्वानुमान सही साबित हुआ तो जिले की तीन सड़कों पर चलना किसी खतरे से कम नहीं होगा। क्योंकि पानी यहां लोगों का रास्ता रोक सकता है। स्थिति को देखते हुए पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग के अधिकारियों ने पुलों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। शिवनाथ और आसपास की नदियों का जलस्तर बढ़ने से यहां भी अघोषित अलर्ट की स्थिति है।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार जिले से सटे रायपुर, दुर्ग और जांजगीर-चांपा में भारी बारिश हो रही है। उसकी तुलना में फिलहाल यहां बारिश कम हुई है। आसपास के जिलों में तेज बारिश के कारण नदियों का पानी अब लगातार चढ़ रहा है। विशेषकर शिवनाथ नदी का पानी अब पाटोपाट चल रहा है। ऐसे में जिले की जो नदियां उससे मिलती हैं उसका पानी उलट चलने की आशंका है। ऐसे में इन नदियों का पानी जिले को जोड़ने वाली कई सड़कों को प्रभावित कर सकता है। इसे लेकर विभाग इन दिनों अलर्ट पर है। विभागीय जानकारी के अनुसार ज्यादा बारिश होने पर मुंगेली रोड में तखतपुर से पहले पुलिया पर पानी चढ़ सकता है। इसके अलावा तोरवा की मस्तूरी रोड में तोरवा रपटा पूरा डूब जाता है। यहां हर साल पानी भरा होने के कारण दुर्घटनाएं होती है। इसे अब तक न तो निगम ठीक करा पाया है और न ही नेशनल हाईवे। इसी तरह रायपुर रोड में मनियारी पुल को भी नदी का पानी दोनों ओर से घेर लेने का खतरा रहता है। इससे आवागमन तो प्रभावित होगा ही वहां बने पुलिया और रपटा के भी क्षतिग्रस्त होने का खतरा रहता है। ऐसी स्थिति में विभाग इस पर नजर रखकर घटना से पहले ही उसे टालने के प्रयास में लग गया है।

मस्तूरी चौक दुर्घटनाजन्य क्षेत्र

जिले में नेशनल हाईवे की मस्तूरी रोड सर्वाधिक खराब है। यहां चौक के पास ही सड़क गड्ढे में तब्दील हो गई है। इससे दो पहिया वाहन चालकों के अलावा हल्के चार पहिया वाहन के भी दुर्घटना होने की आशंका बारिश में बढ़ गई है। गड्ढों में पानी भरे होने के कारण ये दिखाई नहीं देते हैं। इससे लगभग रोज ही यहां दुर्घटना हो रही है। इसके बाद भी अब तक विभाग ने सड़क की मरम्मत नहीं कराई है।

कीचड़ में तब्दील कोटा रतनपुर रोड

जिले की प्रमुख सड़कों में कोटा से रतनपुर रोड कीचड़ में बदल गई है। यहां एडीबी के ठेकेदार ने सड़क के बड़े हिस्से में खुदाई करने के बाद उसे मिट्टी और मुरुम से पाट दिया है। इससे दो पहिया वाहन सवार यहां रोज दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। इस सड़क पर बसे गांव के लोग और इस पर आवाजाही करने वाले इससे खासे परेशान हैं। जब भी बारिश होती है सड़क पर और ज्यादा कीचड़ फिसलन बढ़ जाती है। इससे खतरा बढ़ गया है।

बारिश से पूर्व अपने पुलों का निरीक्षण कर लिया है। इसके अलावा बारिश के दौरान भी समय-समय पर जायजा लिया जाता है। भारी बारिश होने पर ज्यादा सतर्कता बरती जाती है।

वाईके सोनकर

कार्यपालन अभियंता, पीडब्ल्यूडी सेतु संभाग

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