बिना नैक ग्रेडिंग अब कॉलेजों को नहीं मिलेगा अनुदानः प्रो.चौहान

Aug 06, 2016

बिना नैक ग्रेडिंग अब कॉलेजों को नहीं मिलेगा अनुदानः प्रो.चौहान

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) भोपाल रीजन के डिप्टी सेक्रेटरी प्रो.जीएस चौहान ने कहा कि बिना नैक ग्रेडिंग अब किसी भी कॉलेज और यूनिवर्सिटी को अनुदान नहीं मिलेगा। ग्रेडिंग के आधार पर ही अनुदान की राशि भी तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑटोनामी संस्थाओं की संख्या में बढ़ोतरी की जाएगी। इससे क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा।

बिलासपुर विश्वविद्यालय में क्वालिटी इन हायर एजुकेशन एंड फायनेंसियल सपोर्ट विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे यूजीसी भोपाल रीजन के डिप्टी सेक्रेटरी प्रो.चौहान ने पत्रकारों से बातचीत की। इसमें उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) से मिली ग्रेडिंग के आधार पर ही अब संस्थाओं का भविष्य तय होगा। अनुदान की राशि का कितना उपयोग किया गया, इसका चरणबद्ध हिसाब रखा जाएगा। उन्होंने बताया कि संस्थानों को बिल्डिंग निर्माण के लिए 50 प्रतिशत तक अनुदान मिलेगा। इसमें 40 प्रतिशत एडवांस के तौर पर दिया जाएगा। वहीं 10 प्रतिशत साइंस उपकरण के लिए दिए जाएंगे। उन्होंने बताया कि 10 वें प्लान की राशि में कई संस्थाओं द्वारा गड़बड़ी करने की शिकायत मिली है। इस दिशा में कार्रवाई जारी है। भोपाल रीजन से एक-एक संस्था पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संस्थाओं का विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन अनुदान की राशि का दुरुपयोग भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता के लिए आगे बढ़ने वाली संस्थाओं को मदद करने में भी पीछे नहीं हटेंगे। ऑटोनामी संस्थाओं के सवाल पर उन्होंने कहा कि उनकी संख्या बढ़ाने पर हेडक्वार्टर विचार कर रहा है, ताकि एजुकेशन और रिसर्च में नए बदलाव देखने को मिले।

नोटा पर साधी चुप्पी

छत्तीसगढ़ में छात्र संघ चुनाव में यूजीसी ने नोटा को अनिवार्य किया है। वहीं शासन और यूनिवर्सिटी ने अब तक इस बारे में प्राचार्यों से चर्चा करना भी उचित नहीं समझा है। साफ है कि यहां यूजीसी के निर्देशों को रद्दी की टोकरी में रखी जाती है। इस सवाल का जवाब पूछने पर प्रो.चौहान ने कहा कि यह हेडक्वार्टर का काम है। इसमें वे कुछ नहीं बोल सकते।

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

Jan 19, 2018

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>