बंधवापारा स्कूल में भरा पानी, अघोषित अवकाश

Jul 24, 2016

बंधवापारा स्कूल में भरा पानी, अघोषित अवकाश

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

शुक्रवार देर रात हुई तेज बारिश के कारण आधा शहर जलमग्न हो गया था। सुबह 9 बजे तक ज्यादातर जगहों में पानी धीरे-धीरे खाली हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। इधर बंधवापारा इस बारिश से सर्वाधिक प्रभावित रहा। यहां शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पानी भर जाने के कारण ज्यादातर बच्चे अपनी कक्षाओं तक पहुंच ही नहीं पाए। इससे अघोषित अवकाश रहा। इसी तरह यहां कई निचली बस्तियों में घर के अंदर पानी घुस गया था।

बारिश के सीजन में शुक्रवार देर रात से सुबह तक तेज बारिश हुई। इससे निगम की जल निकासी व्यवस्था की पोल खुल गई। सबसे ज्यादा प्रभावित फिर बंधवापारा वाला इलाका रहा। यहां ऊपर खेतों से पानी आने और उसकी निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण इस वार्ड के कई हिस्सों में घर के अंदर पानी घुस गया था। अचानक रात में घर के अंदर पानी आने से लोग दहशत में थे। बारिश रुकने के तीन से चार घंटों बाद घरों से बारिश का पानी निकल पाया। तब कहीं जाकर लोगों ने राहत की सांस ली। इस मोहल्ले पूर्व माध्यमिक शाला परिसर में तो पूरे ग्राउंड में घुटने तक पानी भर गया था। इससे दहशत में आए ज्यादातर विद्यार्थी बाहर से ही लौट गए। शिक्षक किसी तरह अंदर पहुंच पाए तो उन्होंने जो बच्चे अपनी कक्षाओं तक पहुंच पाए थे,उन्हें पढ़ाकर जल्दी छुट्टी कर दी। इसी तरह बारिश के कारण एक बार फिर श्रीकांत वर्मा मार्ग का एक हिस्सा जलमग्न हो गया था। यहां भारी जलभराव के कारण सड़क के एक तरफ नाली का पूरा मलबा बिखरा पड़ा था। इस सड़क पर से 12 बजे तक पानी खाली हो पाया। इसके बाद सड़क के दोनों तरफ यातायात शुरू हो पाया। इसी तरह बिलासा गर्ल्स कॉलेज ग्राउंड बरसाती पानी से सराबोर था। यहां छात्राओं को अपनी कक्षाओं तक पहुंचने में काफी दिक्कत हो रही थी। इसके अलावा सिटी कोतवाली, तोरवा, गुरुनानक चौक, व्यापार विहार एफसीआई गोदाम के पास, पुराना बसस्टैंड, विनोबा नगर, अज्ञेय नगर, जरहाभाठा ओमनगर आदि जगहों में भी सड़क पर पानी घुटने तक भर गया था।

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स्टार्म वाटर ड्रेनेज कागजों में

शहर में बरसाती पानी निकासी के लिए नगर निगम ने मेनहार्ट सिंगापुर प्राइवेट लिमिटेड से प्लान तैयार कराया है। इस पर अब तक अमल नहीं हुआ है। निगम के इंजीनियर अब भी अपनी मनमानी से नाली तैयार करा रहे हैं। इसके चलते उसमें बहाव पर्याप्त नहीं होने और जरूरत से छोटा नाला बन जाने जैसी शिकायत आनी शुरू हो गई है।

भगवान भरोसे छोड़ा शहर

एक बार फिर लोगों के घरों में पानी भरने पर निगम ने उन्हें भगवान भरोसे ही छोड़ दिया। देर रात होने के कारण निगम का अमला मौके पर पहुंचा ही नहीं। जब निगमकर्मी काम पर लौटे तब तक आधा से ज्यादा पानी खुद ब खुद निकल चुका था। 24 घंटे मदद का दावा खोखला साबित हुआ।

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सफाई ठेकेदारों की करतूत

शहर के बड़े नाली,नालों की सफाई ठेकेदारों के जिम्मे है। उनके द्वारा केवल ऊपर का पॉलीथिन ही निकाला जाता है। गहराई तक मलबा नहीं निकालने के कारण बारिश होते ही नाली से नाली छलककर सड़क पर आनी शुरू हो गई जिसने मुसीबत और बढ़ा दी। माना जा रहा है कि अगर बड़े नालों की गहराई तक सफाई होती तो इतनी अधिक समस्या नहीं होती।

तेज बारिश होने के कारण शहर की कुछ जगहों में पानी भर गया था। कुछ समय के बाद पानी खुद ब खुद निकल गया॥ कहीं भी राहत और बचाव कार्य करने की जरूरत नहीं पड़ी।

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डॉ.ओंकार शर्मा

स्वास्थ्य अधिकारी, नगर निगम

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