माजा मैंगो में कचरा, निर्माता कंपनी पर 15 हजार रुपए जुर्माना

Jun 11, 2016

माजा मैंगो में कचरा, निर्माता कंपनी पर 15 हजार रुपए जुर्माना

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

जिला उपभोक्ता फोरम ने सील बंद माजा मैंगो में कचरा(काला अपेय पदार्थ) मिलने के मामले में निर्माता कंपनी पर 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया है।

सरकंडा क्षेत्र के देवनंदननगर निवासी प्रमोद पाटनवार 30 मई 2014 को अपने पुत्र डॉ. सिद्धार्थ पाटनवार के साथ मंगला चौक स्थित 36 सिटी मॉल गए थे। उन्होंने माल स्थित रियालन्स रिटेल्स लिमिटेड से 70 रुपए में 5 सील बंद माजा मैंगो खरीदे। घर पहुंचकर वह एक माजा मैंगो पीने लगे। इस दौरान उनके मुंह में काला अपेय पदार्थ आ गया। इससे वह असहज महसूस करने लगे। उन्होंने इस बात की जानकारी अपने चिकित्सक पुत्र को देने के साथ दवा ली। 31 मई 2014 को वे फिर से रियालन्स रिटेल्स गए और इस बात की शिकायत की। इस पर विक्रेता ने पैक्ड माजा मैंगो वापस लेकर कीमत लौटा दी, लेकिन किसी प्रकार की क्षतिपूर्ति देने से इनकार कर दिया। इस मामले को लेकर श्री पाटनवार ने जिला उपभोक्ता फोरम में परिवाद पेश किया। इसमें विक्रेता रियालन्स रिटेल्स, निर्माता कंपनी नर्मदा ड्रिंक्स औद्योगिक क्षेत्र सिरगिट्टी और डायमंड बेवरेजेस प्राइवेट लिमिटेड टाराताल रोड कोलकाता को पक्षकार बनाया। फोरम ने तीनों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। विक्रेता की ओर से कोई जवाब पेश नहीं किया गया। वहीं, नर्मदा ड्रिंक्स ने अपने जवाब में कहा कि उक्त माजा मैंगो उनकी कंपनी का नहीं है। वहीं, डायमंड बेवरेजेस ने परिवाद का इस आधार पर विरोध किया कि माजा में काला पदार्थ होने के संबंध में प्रयोगशाला की कोई रिपोर्ट नहीं है। इसके अलावा उसे पीने के बाद असहज महसूस करने का भी स्वास्थ्य प्रमाण पत्र प्रस्तुत नहीं किया गया। फोरम के अध्यक्ष अशोक कुमार पाठक, सदस्य प्रमोद वर्मा और रीता बरसैंया ने सुनवाई में पाया कि डायमंड बेवरेजेस यह साबित करने में असफल रहर कि माजा में काला अपेय पदार्थ नहीं था। फोरम ने रियालन्स रिटेल्स, नर्मदा ड्रिंक्स एवं डायमंड बेवरेजेस को संयुक्त रूप से या अलग-अलग आवेदक प्रमोद पाटनवार को 15 हजार रुपए मानसिक क्षतिपूर्ति व 2 हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया है।

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