खुड़िया आधा से ज्यादा खूंटाघाट में सबसे कम पानी

Aug 05, 2016

खुड़िया आधा से ज्यादा खूंटाघाट में सबसे कम पानी

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

जिले से लगे हुए कई क्षेत्रों में जहां झमाझम बारिश हो रही है वहीं यहां अब भी पानी की कमी बनी हुई है। खूंटाघाट जलाशय अब तक मात्र 30 प्रतिशत भरा है। वहीं सबसे छोटा घोंघा जलाशय में मात्र 43.18 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। ऐसे में पूरा बारिश के सीजन में बांध नहीं भरने की आशंका जताई जा रही है।

मौसम विभाग ने पिछले तीन दिन में भारी और अति भारी बारिश होने का अलर्ट जारी किया था। उनका अलर्ट बस्तर, कांकेर क्षेत्र में तो सही साबित हुआ,लेकिन जिले में उसका कोई खास असर नहीं हुआ। पिछले दिन हुई तेज बारिश के कारण खूंटाघाट में मात्र 2 प्रतिशत के करीब पानी आया है। इस तरह जलस्तर बढ़कर 29.95 प्रतिशत तक पहुंचा है। इस तरह बांध में अब भी उम्मीद से काफी कम जलभराव है। हालांकि सिंचाई विभाग का मानना है कि अगस्त माह के अंत तक अगर बांध 50 प्रतिशत भी भरता है तब भी वह किसानों को खरीफ सीजन में उनकी मांग के अनुसार पानी दे सकता है। क्योंकि इन दिनों रोज 2 मिलियन क्यूसेक मीटर पानी आ रहा है। इतना पानी तब खाली होगा जब बांध के दोनों गेट को उसकी पूरी क्षमता के साथ खोला जाए। इस तरह पचास प्रतिशत पानी होने पर किसानों को उनकी मांग के अनुसार पानी दिया जा सकता है। कोटा के घोंघा बांध में इन दिनों जलभराव की स्थिति संतोषजनक नहीं है। खुड़िया बांध में पूरे अचानकमार टाइगर रिजर्व का पानी जाता है। यहां खेत या दूसरी रुकावट नहीं होने के कारण सबसे तेजी से जलभराव होता है। इसके बाद भी अब तक इस बांध में 58.09 प्रतिशत जलभराव है। जबकि इससे लोरमी, मुंगेली होते हुए पथरिया तक के हिस्से में सिंचाई होती है। यहां भी अपेक्षा से कम पानी होने के कारण इस बार टेल एरिया तक पानी पहुंचाने में विभाग में खासी मशक्कत करनी पड़ सकती है। हालांकि आम तौर पर सितंबर माह में ही किसानों से पानी की मांग आती है। ऐसे में अगस्त अंत अगर बांध पूरा भर जाता है तब ही किसानों को सिंचाई के लिए पानी दिया जा सकता है।

खूंटाघाट बांध में जलभराव की स्थिति

30 जुलाई 25.89 प्रतिशत

31 जुलाई 26.18 प्रतिशत

1 अगस्त 26.46 प्रतिशत

2 अगस्त 27.01 प्रतिशत

3 अगस्त 27.88 प्रतिशत

4 अगस्त 29.95 प्रतिशत

खूंटाघाट में अगर 50 प्रतिशत भी जलभराव होता है तब भी 1.25 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी दे सकते हैं। आमतौर पर सिंतबर माह में पानी की मांग आती है। ऐसे में हमारे पास पूरा अगस्त महीना बाकी है। अभी से हालात चिंताजनक नहीं कह सकते हैं। इतना जरूर है कि हमारे बांध के आसपास बारिश उम्मीद से कम हुई है।

आरपी साव

कार्यपालन अभियंता, खारंग जल संसाधन

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