शहर में लगेगी एलईडी लाइट, साल में बचेंगे सवा दो करोड़

Aug 05, 2016

शहर में लगेगी एलईडी लाइट, साल में बचेंगे सवा दो करोड़

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

पूरे शहर में नगर निगम एलईडी लाइट लगाकर सालाना सवा दो करोड़ रुपए बचाने की तैयारी में है। इसके लिए निगम ने केंद्रीय एजेंसी ईएसईएल से अनुबंध की प्रक्रिया को अनुमोदित करते हुए प्रकरण राज्य शासन के पास भेज दिया है। अब जल्द ही अनुबंध होने के साथ शहर में नई लाइटें लगनी शुरू हो जाएगी। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी तक शहर की सभी सड़कों में नई स्ट्रीट लाइट लगने का काम पूरा हो जाएगा।

बिजली बिल के रूप में हर माह नगर निगम को 40 लाख रुपए खर्च करना पड़ता है। इसमें कटौती करने के लिए ज्यादा बिजली खपत वाले सोडियम बल्ब की जगह पर सभी में एलईडी लाइट लगाने की तैयारी है। इसके लिए लाइट का पूरा सेट बदलना होगा। केंद्र सरकार की कंपनी ईएसईएल ने निगम को प्रस्ताव दिया था कि वे निगम की स्ट्रीट लाइट को बदल देगा। इस काम में 15 करोड़ रुपए खर्च होंगे। खर्च की भरपाई नगर निगम बिजली बिल में जितनी राशि की बचत होगी उससे करेगी। इसके लिए निगम ने अपनी सहमति देते हुए राज्य शासन को प्रकरण भेज दिया है। अब राज्य शासन, निगम और केंद्रीय सरकार की संस्था ईएसईएल के बीच अंतिम अनुबंध होने का काम बच गया है। इसके बाद शहर की लाइटें बदलनी शुरू हो जाएंगी। इसमें खास बात यह है कि निगम को लाइट पूरे सेट सहित बदलनी पड़ती। मतलब यह कि वर्तमान में लगी लाइट और उसकी फिटिंग दोनों ही बेकार हो जाएगी। इसका उपयोग करने की पृथक से योजना तैयार की जा रही है।

पुरानी लाइटों को लेकर अटका था मामला

केंद्र की ईएसईएल कंपनी के सामने सबसे बड़ी समस्या सड़कों से निकाली गई सोडियम लाइट और उसके फिटिंग के उपयोग को लेकर थी। इसे बेचने के लिए कंपनी ने टेंडर भी किया था, लेकिन कोई ठेकेदार इसे खरीदने तैयार नहीं हुआ। इसके चलते एलईडी लाइट लगाने का प्रकरण खटाई में पड़ गया था। अब तय हुआ है कि निगम इन पुरानी लाइटों और फिटिंग को आसपास के नगर निगम और नगर पंचायतों को मामूली दर पर दे देगा। इससे इसका सदुपयोग हो पाएगा।

राज्य देगा निगम की गारंटी

एलईडी लाइट योजना में पहले पूरा खर्च केंद्र सरकार करेगी। इस खर्च की भरपाई निगम के बिजली बिल बचत से होगा। पूरे मामले में केंद्र सरकार तब राशि खर्च करेगी जब राज्य शासन निगम की गारंटी लेगा। यही कारण है कि प्रकरण राज्य, फिर निगम के बीच घूम रहा हैं। हालांकि जिले की योजना पर राज्य शासन ने भी अपनी सहमति दे दी है।

पांच साल की गारंटी

शहर में लगने वाली स्ट्रीट लाइट की पांच साल की गारंटी होगी। अगर इस दौरान उसमें कोई खराबी आती है तो कंपनी ही उसकी जगह नई लाइट लगाकर देगा। इस तरह लाइट फ्यूज हो जाने के लिए निगम निश्चिंत रहेगा। कहा जा रहा है कि एलईडी लाइटें दस साल तक बिना किसी परेशानी सेवा देती है।

ये है परेशानी

एलईडी लाइट योजना में सबसे बड़ी परेशानी यह है कि इसे अपनाने के बाद भी निगम का काम खत्म नहीं होगा। ठेकेदार केवल लाइट ही लगाएगा। उसके लिए लगने वाली वायरिंग, तारों की मरम्मत, स्वीच बोर्ड आदि का देखरेख नगर निगम को ही करना होगा। इस तरह निगम का काम कम तो होगा लेकिन पूरी तरह से खत्म नहीं होगा।

योजना पर एक नजर

वर्तमान में कुल खंभे 15330

बिजली बिल प्रतिमाह 40 लाख रुपए

प्रतिमाह बचत 20 लाख

केंद्र से स्वीकृत राशि 77 करोड़

प्रदेश के कुल 6 शहर शामिल

लाइट खरीदी बंद

शहर की स्ट्रीट लाइटों के लिए बल्ब की खरीदी निगम बंद कर दी गई है। इससे साफ है कि एलईडी लाइट लगाने की योजना जल्द ही शहर में शुरू होने वाली है। वार्ड भ्रमण के दौरान नगरीय प्रशासन मंत्री अमर अग्रवाल ने भी लोगों को आश्वासन दिया है कि जहां-जहां लाइट बंद है वहां एलईडी लाइट जल्द ही लगाई जाएगी।

एलईडी लाइट के लिए एग्रीमेंट की कापी आई थी। इसे मामूली संशोधन के बाद फिर शासन को भेज दिया गया है। जल्द ही केंद्रीय एजेंसी के साथ एग्रीमेंट होने के बाद एलईडी लाइटें लगनी शुरू हो जाएंगी।

सौमिल रंजन चौबे

आयुक्त नगर निगम

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