आरटीआई कार्यकर्ता अपने वकील के साथ थाने में होगा उपस्थित

Jul 01, 2016

आरटीआई कार्यकर्ता अपने वकील के साथ थाने में होगा उपस्थित

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

गृहमंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाला आरटीआई कार्यकर्ता अपने वकील की उपस्थिति में सरेंडर करेगा। पुलिस उसकी अस्पताल में मेडिकल जांच करने के बाद ही आगे की कार्रवाई करेगी। इसके अलावा अभी भी बुलाए जाने पर वह अपने अधिवक्ता के साथ ही आएगा। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने आरटीआई कार्यकर्ता की सुरक्षा दिलाने के लिए दाखिल याचिका को निराकृत किया है।

अंबिकापुर निवासी आरटीआई कार्यकर्ता और अधिवक्ता डीके सोनी ने सूचना के अधिकार के तहत गृहमंत्री रामसेवक पैकरा की स्वेच्छा अनुदान राशि के वितरण और उनकी संपत्ति की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने गृहमंत्री की स्वेच्छा अनुदान राशि के आवंटन में गड़बड़ी और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का खुलासा किया। इसके बाद डीके सोनी को जान से मारने की धमकी मिलने लगी। इस मामले को लेकर अंबिकापुर के अधिवक्ता पीएन पांडेय ने अधिवक्ता सतीशचंद्र वर्मा के माध्यम से हाईकोर्ट में जनहित याचिका दाखिल कर वकील डीके सोनी को सुरक्षा दिलाने की मांग की। याचिका में कहा गया कि भ्रष्टाचार उजागर करने की वजह से अजाक्स थाने में उनके खिलाफ झूठा प्रकरण दर्ज किया गया है। उन्हें फर्जी एनकांउटर में मारने की साजिश की जा रही है। चीफ जस्टिस दीपक गुप्ता और जस्टिस पी. सेम कोशी की डीबी में मामले में सुनवाई हुई। डीबी ने कहा कि डीके सोनी चाहे तो अग्रिम जमानत आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। इसके अलावा उनके थाने में सरेंडर करने पर पुलिस पहले अस्पताल लेकर जाकर मेडिकल जांच कराएगी। इसके बाद भी कोई कार्रवाई करेगी। इसके अलावा उनके साथ याचिकाकर्ता अधिवक्ता उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निराकृत किया है।

धमकी मिलने का दिया साक्ष्य

गृहमंत्री पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले ने अंबिकापुर प्रेस क्लब में पत्रवार्ता ली थी। इस दौरान क्राइम ब्रांच अंबिकापुर के स्टाफ ने गन लहराकर धमकी भरे लहजे में उपस्थित लोगों की वीडियोग्राफी कराई थी। इस संबंध में प्रेस क्लब से पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन दिया था। इसी ज्ञापन को कोर्ट में साक्ष्य के रूप में पेश किया गया था।

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