सामान्य सभा से ‘पास-पास’ कह नहीं भाग पाएंगे पार्षद

Jul 30, 2016

सामान्य सभा से ‘पास-पास’ कह नहीं भाग पाएंगे पार्षद

बिलासपुर।नईदुनिया न्यूज

शासन ने नगर निगम के कामकाज की प्रक्रिया में संशोधन कर दिया है। इसके अनुसार सामान्य सभा के दस दिन पूर्व पार्षद अपने दो-दो प्रश्न लिखित सचिव को दे सकेंगे। इन प्रश्नों का जवाब महापौर विशेष तौर पर आयोजित एक घंटे के प्रश्नकाल में देंगे। यदि किसी प्रश्न का जवाब मौखिक रूप से देना संभव नहीं हो पाया तो उसका लिखित जवाब दिया जाएगा। इसी तरह सामान्य सभा के मिनिट्स में भी पार्षद आंख मूंदकर दस्तखत नहीं करेगा। वे चाहें तो मिनिट्स पढ़कर उसमें संशोधन भी करा सकते हैं। माना जा रहा है कि इन नए नियमों से पार्षदों का अधिकार सदन में बढ़ जाएगा।

नगर निगम के सदन में सत्ताधारी भाजपा पार्षदों का बहुमत है। ऐसी स्थिति में कई बार बिना कोई चर्चा के ही बहुमत के बल पर पार्षद सभी एजेंडा को पास-पास करके सदन से बाहर निकल जाते हैं। ऐसी स्थिति में विपक्षी कांग्रेसी पार्षदों को महापौर और सत्ता पक्ष को घेरने का मौका ही नहीं मिल पाता। नियम में संशोधन के बाद अब सत्ता पक्ष पास-पास कहकर सदन से बाहर नहीं जा पाएगा। नई व्यवस्था के तहत अब निगम के सदन में प्रश्नकाल का भी प्रावधान कर दिया गया है। इसके तहत पार्षद सामान्य सभा आयोजन के दस दिन पूर्व अधिक से अधिक दो प्रश्नों को लिखित में दे सकते हैं। इन प्रश्नों का जवाब देने के लिए सदन में एक घंटे का प्रश्नकाल होगा। इसमें पार्षदों के दिए गए प्रश्नों का जवाब दिया जाएगा। इसी तरह मिनिट्स बुक में अब आंख मूंदकर दस्तखत करने की मजबूरी भी नहीं होगी। पहले मिनिट्स बुक को भरा जाएगा। इसके बाद पार्षद उसे पढ़कर दस्तखत करेंगे। अगर उन्हें लगता है कि कुछ गलत है तो उसमें संशोधन भी करा पाएंगे। नए नियम आने के बाद एक तरीके से निगम की कार्यप्रणाली को और ज्यादा पारदर्शी कर दिया गया है।

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एजेंडे से संबंधित दस्तावेज का अवलोकन

संशोधन के अनुसार सामान्य सभा आयोजित करने के दो दिन पूर्व एजेंडा में शामिल विषय से संबंधित समस्त दस्तावेज पार्षदों के अवलोकन के लिए रखा जाएगा। विशेष सम्मेलन की दशा में एक दिन पूर्व दस्तावेज दिखाना जरूरी है। इस तरह एजेंडे में शामिल विषयों की पूरी तकनीकी जानकारी होने पर पार्षद उसी के अनुसार सदन में सवाल उठा पाएंगे।

अध्यक्ष का बढ़ा अधिकार

सामान्य सभा में अब पार्षदों को अपने सीट से उठकर अध्यक्ष के आसंदी तक जाना भी महंगा पड़ सकता है। नए नियम में ऐसा करने पर अध्यक्ष को उस पार्षद के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार मिल गया है। इसके अलावा विषय से अलग बात करने वाले का भाषण भी अध्यक्ष पहले ही खत्म करा सकते हैं।

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दो दिन पूर्व भी दे सकेंगे प्रश्न

अगर कोई पार्षद लोक महत्व के अतिआवश्यक प्रश्नों का जवाब चाहता है तो दो दिन पूर्व भी अपने प्रश्न सचिव को दे सकता है। इसके लिए जरूरी यह है कि मुद्दा व्यापक लोकहित से संबंधित होना चाहिए।

एक सप्ताह पहले शासन से सामान्य सभा संचालन में कुछ संशोधन संबंधी पत्र आया है। अभी मैंने उसका अध्ययन नहीं किया है। अब आने वाली सभा इसी नए नियम के अनुसार आयोजित की जाएगी। मुझे जानकारी मिली है कि इस संशोधन में अध्यक्ष का अधिकार बढ़ा दिया गया है।

अशोक विधानी

अध्यक्ष, नगर निगम

नए संशोधन से पार्षदों का अधिकार बढ़ गया है। अब सत्तापक्ष के पार्षद पास-पास करके नहीं भाग सकते। उन्हें कम से कम प्रश्न काल में सभी पार्षदों के प्रश्नों का जवाब देना होगा। इस संशोधन का हम स्वागत करते हैं।

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शैलेंद्र जायसवाल

प्रवक्ता कांग्रेस पार्षद दल

हम कभी चर्चा से पीछे नहीं हटते हैं। हर सभा में पार्षदों को बोलने का अवसर दिया जाता है,वो खुद आपस में उलझ जाते हैं। नए नियम का भी स्वागत है। इससे नए पार्षदों को काफी सीखने को मिलेगा।

किशोर राय

महापौर, नगर निगम

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