बर्खास्त जज ग्वाल की याचिका पर रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस

Jul 30, 2016

बर्खास्त जज ग्वाल की याचिका पर रजिस्ट्रार जनरल को नोटिस

बिलासपुर। हाईकोर्ट ने सुकमा के सीजेएम प्रभाकर ग्वाल को बिना नोटिस और कारण बताए बर्खास्त करने के मामले में हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और राज्य शासन को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब मांगा है।

राज्य शासन ने हाईकोर्ट की अनुशंसा पर सुकमा में सीजेएम प्रभाकर ग्वाल को 1 अप्रैल 2016 को बर्खास्त कर दिया था। इस कार्रवाई के खिलाफ उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। इसमें कहा गया है कि राज्य शासन ने बिना नोटिस या आरोप बताए एकतरफा कार्रवाई की है।

शासकीय सेवक को बर्खास्त करने के लिए जरूरी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा हाईकोर्ट की फुल बैंच की अनुशंसा पर कार्रवाई की गई। फुल बैंच ने भी प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। याचिका में उन्होंने बर्खास्तगी का कारण पूछा है। हाईकोर्ट ने याचिका में सुनवाई के बाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और राज्य शासन को नोटिस जारी कर 4 सप्ताह में जवाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।

महत्वपूर्ण मामले में दिया निर्णय

बर्खास्त जज प्रभाकर ग्वाल ने बिलासपुर में पदस्थापना के दौरान भदौरा जमीन घोटाले में निर्णय पारित किया। इस मामले में दूषित विवेचना को संज्ञान में लेते हुए अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर न्यायालय को प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया था। उनके आदेश पर मस्तूरी पुलिस ने पूरे मामले की पुनः जांच कर आरोपियों के खिलाफ फिर से कार्रवाई की।

इसके अलावा रायपुर में एसीजेएम के पद में पदस्थापना के दौरान उन्होंने 2009-2010 में हुए पीएमटी घोटाले में निर्णय दिया। साथ ही जांच अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया है। इसी प्रकार सुकमा में सीजेएम के पद में पदस्थापना के दौरान बस्तर में सड़क निर्माण में गड़बड़ी करने वाले अधिकारियों को कैद के साथ अर्थदंड की सजा सुनाई थी।

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