अब स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख की नजर

Jul 25, 2016

अब स्टेशन के चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख की नजर

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

जोनल स्टेशन के अब चप्पे-चप्पे पर अब नजर रखी जाएगी। प्लेटफार्म से लेकर सर्कुलेटिंग एरिया को सीसी कैमरे लैस किया जा रहा है। सर्वे के बाद उन जगहों को चिंहित कर लिया गया है जहां कैमरे लगाए जाएंगे। रेलवे सुरक्षा बल ने यहां 52 नए कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इन्हें मिलाकर स्टेशन में 76 कैमरे हो जाएंगे।

वर्तमान में जोनल स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था में कमी है। इनमें सबसे प्रमुख सीसी कैमरे को माना जा रहा है। 8 प्लेटफार्म के इस स्टेशन में अभी केवल 23 कैमरे लगे हैं। 1, 2 व 3 को छोड़ दिया जाए तो बाकी के प्लेटफार्म में केवल एक या दो ही कैमरे लगे हैं। यही वजह कि इन प्लेटफार्मों में किसी तरह की आपराधिक घटनाएं होने पर आरोपियों का सुराग नहीं मिल पाता है। साथ ही कैमरों की क्वालिटी भी ठीक नहीं है। इससे तस्वीरें स्पष्ट नहीं आती हैं। हाल ही में बिलासपुर-चिरमिरी पैसेंजर में हुई जहरखुरानी के आरोपी की पहचान इसी कमी की वजह से नहीं हो पाई। इन खामियों को लेकर लगातार आरपीएफ पर उगलियां भी उठीं। अब इस कमी को दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। यहां सीसी टीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके लिए स्वीकृत 52 नए कैमरे को लगाने के लिए जगह का चयन कर लिया गया है। जल्द ही कैमरों को लगाने का काम प्रारंभ हो जाएगा। माना जा रहा है कि अगस्त के प्रथम सप्ताह में काम प्रारंभ हो जाएगा।

सर्वाधिक कैमरे प्लेटफार्म एक पर

किसी भी स्टेशन का प्लेटफार्म एक महत्वपूर्ण होता है। यहां इंक्वायरी, पीआरएस, बुकिंग, डॉरमेट्री, रिटायरिंग रूम, पार्सल, लॉबी, आरएमएस आदि सुविधा उपलब्ध रहती हैं। यहां 8 कैमरे लगाए गए हैं। आगामी दिनों में कैमरों की संख्या बढ़कर 23 हो जाएगी। यहां आरपीएफ ने 15 और नए कैमरे लगाने का निर्णय लिया है। इसी तरह प्लेटफार्म 4-5 पर 16 कैमरे लगेंगे। बिलासपुर स्टेशन के यह प्लेटफार्म सबसे संवेदनशील है। आखिर छोर पर होने के कारण यहां आरपीएफ या जीआरपी की कमान नहीं रहती है। वैसे भी पहले इस प्लेटफार्म घटना हो चुकी है। अपराधिक तत्व से लेकर अवैध वेंडर, किन्नर, घुमंतू बच्चे इसी प्लेटफार्म जमे रहते हैं। इसे देखते हुए 16 कैमरे लगाने की योजना बनाई गई है। इसके अलावा प्लेटफार्म 2-3 में नए व पुराने को मिलाकर 13 कैमरे, प्लेटफार्म 6 में 07 कैमरे और प्लेटफार्म 7-8 में 6 कैमरे लगाए जाएंगे।

14 कैमरे रोटेट

इस बार कैमरों की क्वालिटी को लेकर विशेष ध्यान दिया गया है। 52 में से 14 कैमरे रोटेट होंगे। यह 24 घंटे घूमते रहेंगे और गतिविधियों को कैद करेंगे। बाकी के कैमरे फिक्स होंगे। मसलन उसे एक दिशा में फीड कर दिया जाएगा। ऐसे कैमरों को कुछ इस तरह फीड किया जाएगा जिससे ट्रेन के प्रत्येक कोच के गेट और उसमें चढ़ने और उतरने वाले यात्री नजर आएं।

नई बिल्डिंग में कंट्रोल रूम

कैमरे बढ़ने के साथ कंट्रोल रूम भी बन जाएगा। आरपीएफ पोस्ट के पीछे नई बिल्डिंग निर्माणाधीन है। इसका काम लगभग पूरा हो गया है। सर्वसुविधायुक्त इस बिल्डिंग में अलग से सीसी टीवी कक्ष बनाया गया है। शिफ्टिंग के साथ ही यहां से कैमरों का कंट्रोल होगा। इसके लिए 24 घंटे एक स्टॉफ को तैनात भी किया जाएगा।

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