जंगल के अंदर प्रत्येक 10 वर्ग किमी में एक वाटर बॉडी

Jun 26, 2016

जंगल के अंदर प्रत्येक 10 वर्ग किमी में एक वाटर बॉडी

बिलासपुर। नईदुनिया न्यूज

जंगल में पानी का पुख्ता इंतजाम करना बेहद जरूरी है। विभाग इसे लेकर गंभीर है। इस क्षेत्र में हाथी व भालू हैं। वहां के जंगलों में हर 10 वर्ग किमी में एक वाटर बॉडी बनाई जाएगी। यह जलस्त्रोत अचानकमार के सिहावल सागर से बड़ा होगा। इस व्यवस्था के बाद वन्यप्राणियों को पानी की कमी नहीं होगी।

ये बातें अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (सामान्य प्रशासन) केसी बेवर्ता ने कही। वे यहां वन वृत्त कार्यालय व वनमंडल कार्यालय का वार्षिक निरीक्षण करने शनिवार को आए थे। इस दौरान पत्रकारों से चर्चा करते हुए विभाग की योजनाओं की महत्वपूर्ण जानकारियां दी। उनका कहना था कि जंगल में जलस्त्रोतों की कमी है। इसका प्रभाव वन्यप्राणियों पर पड़ता है। प्रत्येक 10 वर्ग किमी के दायरे में इसका निर्माण होने के बाद वन्यप्राणियों को जंगल से बाहर निकलना नहीं पड़ेगा। एग्रोफारेस्ट्री जरूरी है। अब पौधरोपण के लिए भूमि नहीं मिल रही है। इसके लिए वृहद पैमाने पर तैयारियां चल रही है। प्रदेश स्तर पर वन विभाग में 30 प्रतिशत रेंजरों की कमी है। कानन पेंडारी जू की मीडियम जू की मान्यता को लेकर आ रही अड़चन को लेकर श्री बेवर्ता ने कहा कि जू में डायरेक्टर की पोस्टिंग के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। उम्मीद है कि इस पर मुहर लग जाएगी। उन्होंने कानन पेंडारी जू का भी निरीक्षण किया। इससे पहले कार्यालय पहुंचकर पेंशन, एकाउंट आदि का जायजा लिया। उनका कहना था कि विभाग के लिए शासकीय ट्रक खरीदा जाएगा ताकि कामकाज प्रभावित न हो।

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