विंड स्क्रीन पर लगे टैग का कोड मिलते ही खुलेगा टोल प्लाजा का बैरियर

Jun 13, 2016

विंड स्क्रीन पर लगे टैग का कोड मिलते ही खुलेगा टोल प्लाजा का बैरियर

राहुल शर्मा, भोपाल । प्रदेश के भोपाल-देवास कॉरिडोर से इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) पायलट प्रोजक्ट के रूप में शुरू होगा। इसके तहत वाहन चालकों को टोल नाके पर नकद राशि नहीं चुकानी होगी, बल्कि उनके वाहन की विंड स्क्रीन पर ही एक टैग लगा रहेगा। इस टैग से कोड मिलते ही बैरियर खुल जाएगा और वाहन निकल सकेगा।

इस साल अगस्त-सितंबर से यह व्यवस्था शुरू हो जाएगी। मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (आरडीसी) प्रदेश के तीन टोल नाकों से इसकी शुरूआत कर रहा है। इसका फायदा यह होगा कि न सिर्फ वाहन चालकों का समय बचेगा, बल्कि पैसों के लेन-देन को लेकर भी विवाद की स्थिति नहीं बनेगी।

उनके ईटीसी खाते से सीधे यह राशि टोला प्लाजा के खाते में पहुंच जाएगी। आरडीसी के अधिकारियों के मुताबिक मप्र ऐसा पहला राज्य होगा, जहां स्टेट हाईवे पर यह व्यवस्था काम करेगी। टोल प्लाजा पर दोनों ओर की आखिरी लेन में ईटीसी व्यवस्था रहेगा। आने वाले समय में सभी टोल प्लाजा में यह व्यवस्था शुरू होगी। इसके पहले टोल प्लाजा और अन्य स्थानों पर वाहन चालकों को इसकी जानकारी दी जाएगी। जिन नेशनल हाईवे पर यह व्यवस्था है, वहां भी यह काम करेगा।

ऐसे काम करेगा ईटीसी

आरडीसी अफसरों के मुताबिक वाहन चालकों को अनुबंधित बैंकों से एक टैग मिलेगा। इस मैग्नेटिक टैग को आरएफआईडी टैग कहते हैं। ये रेडियो फ्रिक्वेंसी पर काम करता है, जिसे वाहन की विंड स्क्रीन पर लगाया जाएगा। जैसे ही गाड़ी टोल प्लाजा पर पहुंचेगी, वहां लगी मश्ाीन आरएफआईडी टैग का कोड मैच कर बैरियर खोल देगी। इसके लिए मशीनें आ गई हैं, लगाने का काम भी जल्द शुरू किया जाएगा।

इसलिए यहां से शुरुआत

भोपाल-देवास कॉरिडोर से इस प्रोजक्ट की शुरुआत की दो प्रमुख वजह हैं। पहली यह प्रदेश का सबसे बेहतरीन कॉरिडोर है और दूसरा इस रोड से देवास के साथ ही इंदौर, उज्जैन, मुंबई की ओर बड़ी संख्या में लोग जाते हैं। इसी तरह इंदौर और मालवा के अन्य शहरों से भी लोग राजधानी में विभिन्न कामों के लिए आते रहते हैं इसलिए ट्रैफिक को देखते हुए यहां पायलट प्रोजक्ट को शुरू किया जा रहा है।

खाते से कटेगी राशि

जिस तरह से मोबाइल के सिम कार्ड को रिचार्ज करवाते हैं ठीक वैसे ही आरएफआईडी को भी अलग-अलग राशि से रिचार्ज करवाना होगा। इसकी न्यूनतम राशि 250 रुपए रखी गई है। टोल प्लाजा पर पहंुचने पर यह राशि वाहन चालक के खाते से कट जाएगी। भोपाल-देवास कॉरिडोर में तीन टोल पड़ते हैं और आने-जाने में करीब 200 रुपए टैक्स के रूप में अदा करने होते हैं।

ये होंगे फायदे

– बड़े वाहनों जैसे बस, ट्रक को निकलने में समय नहीं लेगा।

– वाहनों को जल्द पासिंग मिलेगी।

– खुल्ले पैसों की दिक्कत नहीं।

– विवाद की स्थिति भी नहीं बनेगी।

– वाहनों की लंबी कतारों से मिलेगी निजात।

बैंकों से करेंगे अनुबंध

अगस्त-सितंबर में भोपाल-देवास टोल प्लाजा से ईटीसी काम शुरू कर देगा। मशीनें आ गई हैं। इंस्टॉलेशन का काम भी शुरू होने वाला है। इसके लिए दो-तीन बैंकों से अनुबंध किया जाएगा, जहां से आरएफआईडी टैग मिलेगा। इसके बाद ग्राहक के खाते खोले जाएंगे, जिसमें उसे राशि डालना होगी। टोल प्लाजा पर खाते में से पैसा कटता रहेगा।

– मनोज तिवारी, प्रोजक्ट मैनेजर, ईटीसी

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

Jan 19, 2018

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>