प्रदेश में प्रहरियों की संख्या कम और पीईबी ने रोक रखा है दो माह से रिजल्ट

Jun 03, 2016

प्रदेश में प्रहरियों की संख्या कम और पीईबी ने रोक रखा है दो माह से रिजल्ट

भोपाल। प्रदेश की जेलों में कैदियों की संख्या के मुताबिक प्रहरियों की संख्या काफी कम है। इसी कमी को दूर करने सरकार ने 842 पदों पर भर्ती निकाली। इसकी परीक्षा प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पीईबी) ने ली, लेकिन रिजल्ट अब तक घोषित नहीं किया है।

जबकि जेल विभाग प्रहरियों की फिटनेस परीक्षा के नतीजे मार्च 2016 को ही पीईबी को सौंप चुका है। नतीजतन जेलों की सुरक्षा व्यवस्था पर इसका असर पड़ रहा है। सरकार ने वर्ष 2014 में जेल प्रहरियों के 1800 पद स्वीकृत किए हैं।

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इनमें से पहले चरण के लिए 842 प्रहरियों का चयन किया जाना है, जिसके लिए पीईबी ने लिखित परीक्षा अक्टूबर 2015 को आयोजित की। नतीजे आने पर मार्च 2016 की शुरुआत में ही पास हुए अभ्यर्थियों का फिजिकल टेस्ट लिया गया और चयनित अभ्यर्थियों की सूची पीईबी को सौंप दी गई।

पीईबी को अब इनका रिजल्ट घोषित करना है, जिससे इनकी ट्रेनिंग शुरू हो पाएं। इस संबंध में पीईबी की एडिशनल डायरेक्टर उर्मिला शुक्ला का कहना है कि बीच में कुछ व्यस्तताओं, परीक्षाओं व सिंहस्थ के चलते नतीजे जारी नहीं कर पाए थे। जल्द ही रिजल्ट घोषित किया जाएगा।

होना यह चाहिए

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मुल्ला कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार जेलों में पांच कैदियों पर एक प्रहरी होना चाहिए, जबकि जेल विभाग के अधिकारियों का ही कहना है कि मौजूदा हालात में कई जेलों में एक प्रहरी पर 20 कैदियों तक का भार है।

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