मंत्रालय में कामकाज ठप, राजस्व मंत्री को खुद चलानी पड़ी लिफ्ट

Jun 29, 2016

मंत्रालय में कामकाज ठप, राजस्व मंत्री को खुद चलानी पड़ी लिफ्ट

भोपाल। अनुभाग अधिकारियों के वेतन पुनरीक्षण, साख सहकारी समिति में जमा राशि लौटाने सहित 24 सूत्रीय मांगों को लेकर मंत्रालयीन कर्मचारी मंगलवार को दो दिन की हड़ताल पर चले गए। इससे मंत्रालय के कामकाज पर व्यापक असर पड़ा। हड़ताल के चलते शाम करीब पांच बजे मंत्रालय में राजस्व मंत्री रामपाल सिंह को लिफ्ट खुद चलानी पड़ी। शाम 7 बजे मुख्य सचिव अंटोनी डिसा मंत्रालय निकल रहे थे। तब लिफ्ट चालू नहीं थीं।

सौ फीसदी कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण वल्लभ भवन में दिनभर सन्‍नाटा पसरा रहा।

हड़ताल की वजह से मंत्रालय में आधा दर्जन से ज्यादा बैठकें टालनी पड़ीं। पीडब्ल्यूडी, जलसंसाधन,नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण के लिए अनुपूरक बजट स्वीकृत करने के लिए वित्त विभाग ने बैठक बुलाई थी। वहीं विभाग के कर्मचारियों की मांग और समस्याएं सुनने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव ने बैठक बुलाई थी।

हालांकि मुख्य सचिव ने अलग-अलग विभागों की आधा दर्जन बैठकें ली हैं, जिसमें राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत करने की बैठक भी शामिल है। कार्मिक शाखा के अफसर मुख्य सचिव के पास पहुंच गए थे। यहां वेतनमान को लेकर चर्चा हो गई। वहीं प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड के अध्यक्ष दीपक खांडेकर ने भी बोर्ड की परीक्षाओं को लेकर बैठक ली है।

आज घर से ही नहीं आएंगे कर्मचारी

मंत्रालय के 3 नंबर गेट के सामने हुई सभा को संबोधित करते हुए मंत्रालयीन कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुधीर नायक ने कहा कि सरकार ने मांगें पूरी नहीं कीं, तो विधानसभा सत्र के दौरान बेमुद्दत हड़ताल होगी। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव मुक्तेश वार्ष्णेय के बयान पर आपत्ति उठाते हुए कहा कि ऐसा करके उन्होंने अपनी कार्यप्रणाली पर ही प्रश्न चिन्ह लगा लिया है। कर्मचारी बुधवार को भी हड़ताल पर रहेंगे और वे घर से ही नहीं आएंगे।

घंटी सुनने वाला कोई नहीं

-स्कूल शिक्षा विभाग के एसीएस एसआर मोहंती ने दो बार घंटी बजाई, लेकिन सुनने वाला कोई नहीं था।

-एसीएस वन दीपक खांडेकर सहित किसी भी अफसर का स्टाफ नहीं आया था।

-चैंबरों में बैठे अफसर चाय-पानी तक के लिए परेशान हुए। उन्हें आगंतुकों को खुद पानी भरकर पिलाना पड़ा।

-मंत्रालय के कमरों के ताले तो समय पर खुले, लेकिन सफाई के अलावा कोई काम नहीं हुआ।

-राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसरों को प्रवर श्रेणी वेतनमान स्वीकृत करने बुलाई गई डीपीसी की बैठक का कार्यवाही विवरण बाबू के न मिलने के कारण नहीं लिखी जा सकी ।

-मंत्रालय में हड़ताल की पहले से जानकारी होने के कारण मंगलवार को रोज से कम विजिटर्स पहुंचे। जो लोग अफसरों से मिलने आए, उन्हें गेट से ही लौटा दिया गया।

-हड़ताल के चलते मंत्रालय में दैनिक उपयोग का पानी नहीं भरा गया। इस कारण वॉटर कूलर खाली पड़े रहे। इतना ही नहीं शौचालयों में भी पानी नहीं था।

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