पानी की 25 फीसदी शिकायतें, 1700 पर कार्रवाई ही नहीं

Jun 03, 2016

पानी की 25 फीसदी शिकायतें, 1700 पर कार्रवाई ही नहीं

भोपाल (नप्र)। सफाई, पानी, स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण आदि की शिकायत के लिए बनाए गए नगर निगम का कॉल सेंटर ही बीमार हो गया है। बीते दो महीने से यहां 1700 से ज्यादा शिकायतें लंबित हो गई है। कॉल सेंटर के जरिए जो काम तीन दिन में होना चाहिए, उसमें दो महीने लग रहे हैं। यह खुलासा नगर निगम की ही एक रिपोर्ट में हुआ है। खास बात यह है कि इनमें से सबसे ज्यादा पानी की समस्याओं की है। रोजाना आने वाले 200 शिकायतों में से अकेले पानी पर 40 से 50 शिकायतें हैं।

नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक सफाई, सीवर लाइन जाम, कचरा उठाने व बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट को दुरुस्त करने में भी लगातार देरी हो रही है। इसके चलते निगम के पास हर महीने शिकायतों की संख्या बढ़ रही है। यह स्थिति तब है जबकि शिकायतों के निपटारे के लिए निगम ने बीते तीन साल में दो हजार से ज्यादा दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की भर्ती की है। दैवेभो की अतिरिक्त नियुक्ति के कारण हर साल वेतन के रूप में करीब 10 करोड़ रुपए का भार भी बढ़ गया है।

सबसे ज्यादा 25 प्रतिशत शिकायतें पानी की

काम – शिकायत का प्रतिशत

पानी – 25

सफाई – 19

सीवेज – 17

स्ट्रीट लाइट 15

अतिक्रमण – 14

बिल्डिंग परमिशन – 6

अन्य – 5

पानी नहीं मिलने की शिकायतें पर कार्रवाई नहीं

वार्ड नंबर 11ः दो सप्ताह से सप्लाई ठप

संजय नगर, मौलाना आजाद कॉलोनी, सनराइज कॉलोनी में दो सप्ताह से पानी नहीं पहुंच रहा है। इसको लेकर पार्षद मेवालाल के नेतृत्व में रहवासी करबला हाइड्रेंट पर प्रदर्शन भी कर चुके हैं।

वार्ड नंबर 20ः सात महीने से गंदे पानी की सप्लाई

जोन 4 के कई इलाकों में करीब सात महीने से गंदा पानी सप्लाई हो रहा है। हनुमान गंज, मंगलवारा, सिलावटपुरा आदि क्षेत्रों में पीला और हरे रंग का पानी सप्लाई हो रहा है। श्यामला हिल्स स्थित ट्रीटमेंट प्लांट की सफाई नहीं हुई। कुछ जगह लीकेज हैं।

वार्ड नंबर 31ः कब दबाव से मिल रहा पानी

वार्ड के पार्षद अमित शर्मा के अनुसार तुलसी नगर व शिवाजी नगर सहित वार्ड के कई क्षेत्रों में पानी की दिक्कत हो रही है। अरेरा कॉलोनी, भरत नगर, शाहपुरा,जवाहर चौक, टीटी नगर आदि क्षेत्रों में भी पानी की सप्लाई प्रभावित है।

कारण यह है

– पानी का डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क पूरा नहीं हो पाया है, इसलिए पानी का संकट है। इसलिए शिकायतें भी सबसे ज्यादा है।

– निगम में कर्मचारियों की संख्या कम है। मसलन निगम की विद्युत शाखा में महज दो एई है, जबकि हर जोन में एक-एक एई होना चाहिए।

– अफसरों के पास बीआरटीएस समेत राजीव आवास योजना समेत कई प्रोजेक्ट है, इसके चलते मूलभूत सुविधाओं के लिए वक्त नहीं निकाल पाते हैं।

– निगम में काल सेंटर की मानीटरिंग के लिए अलग से सेल नहीं है।

– संबंधित अधिकारियों को सिर्फ नोटिस या फिर चेतावनी ही दी जाती है। उन पर जुर्माने लगाने जैसा कानून नहीं है। इसलिए वे इन कामों को प्राथमिकता से नहीं करते हैं।

हर काम का समय तय

काम – वक्त

– साफ-सफाई और झाड़ू आदि काम तीन दिन

पानी सप्लाई तीन दिन ( इमरजेंसी में एक दिन )

मृत पशुओं का निस्तारण छह घंटे

स्ट्रीट लाइट तीन दिन

चैंबर, कंटेनर और रोड के गड्ढे समय सीमा तय नहीं

यहां करें शिकायत

नगर निगम के काल सेंटर नंबर 2701000 और राज्य शासन के टेली समाधान नंबर 15343 पर आप निगम से संबंधित सेवाओं की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। टेली समाधान नंबर 15343 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद यदि निगम कार्रवाई नहीं करता है तो यह अपने आप निगम कमिश्नर और फिर नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव के पास चली जाती है।

15 जून से संबंधित अफसरों पर होगी कार्रवाई

कॉल सेंटर में आईं 1700 की पेंडेंसी के चलते निगम कमिश्नर छवि भारद्वाज ने अफसरों की जिम्मेदारी तय की है। अब 15 जून से नई व्यवस्था के तहत कॉल सेंटर से मिली शिकायत संबंधिक अधिकारी के पास फोन और एसएमएस से दी जाएगी। उनके मुताबिक कॉल सेंटर में प्रथम पारी में सुबह 8 से 4 बजे तक तीन कर्मचारी, दूसरे पाली में 4 से 12 बजे तक, तीसरे पाली में रात 12 से सुबह 8 बजे तक एक कर्मचारी कॉल सेंटर में तैनात रहेगा।

लगातार कर रहे समीक्षा बैठक

शहर में कहीं भी पानी की समस्या न हो, इसके लिए लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं और समस्या को दूर करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों के लिए नए टैंकर भी शुरू करवाए हैं। इस बार शहर में पानी की समस्या उतनी गंभीर नहीं है फिर भी लगातार समीक्षा कर रहे हैं।

आलोक शर्मा, महापौर

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