योजनाओं के लिए अलग से नहीं मिलेगा विभागों को बजट

Aug 08, 2016

योजनाओं के लिए अलग से नहीं मिलेगा विभागों को बजट

भोपाल। ब्यूरो। केंद्र सरकार योजना और वेतन-भत्तों के लिए अगले बजट में अलग से व्यवस्था नहीं करेगी। इसके लिए प्लान (योजना) और नान प्लान (आयोजना) बजट की व्यवस्था समाप्त होगी। इसकी जगह मंत्रालयों को एकमुश्त राशि मिलेगी। प्रदेश को भी यही फॉर्मूला अपनाने की सलाह दी गई है। हालांकि, अभी तक सरकार ने इस पर फैसला नहीं किया है और जिलों को वार्षिक योजना बनाने के निर्देश दे दिए हैं।

केंद्र सरकार बरसों से चली आ रही पंचवर्षीय योजना व्यवस्था को समाप्त कर रही है। इसकी जगह नीति आयोग ने राज्यों को 3, 7 और 15 साल की योजना बनाने को कहा है। इसे लेकर 9 अगस्त को दिल्ली में बैठक भी है, वहीं बजट में योजनाओं और स्थापना व्यय (वेतन-भत्ते सहित अन्य खर्चों) के लिए अलग-अलग राशि देने की जगह मंत्रालयों को एकमुश्त राशि देने की व्यवस्था होगी।

केंद्र ने इस फॉर्मूला को प्रदेश में लागू करने की सलाह दी है। हालांकि, राज्य योजना आयोग इसके लिए पूरी तरह तैयार नहीं है। यही वजह है कि पिछले सप्ताह जिलों को अगले साल की वार्षिक योजना बनाने के दिशा निर्देश जारी कर दिए हैं। हालांकि, बजट सीमा अभी नहीं बताई गई है।

तो वित्त विभाग होगा ज्यादा ताकतवर

सूत्रों का कहना है कि राज्य योजना आयोग से यदि योजना बजट की सीलिंग देने का काम भी ले लिया गया तो उसके पास सिर्फ मॉनीटरिंग रह जाएगी। इससे वित्त विभाग ज्यादा ताकतवर हो जाएगा। अभी भी राज्य योजना आयोग द्वारा तैयार वार्षिक योजना के बाद भी वित्त विभाग बजट के समय विभागों को दी जाने वाली राशि घटा-बढ़ा देता है।

होगा विचार

केंद्र सरकार भले ही प्लान और नान प्लान की व्यवस्था समाप्त कर रही हो, पर प्रदेश अपना निर्णय स्वयं लेगा। इस पर अभी समग्र रूप से विचार होगा।

-दीपक खांडेकर, अपर मुख्य सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी

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