हर महीने 3500 किराया दो और खोल लो सड़क पर दुकान

Jun 04, 2016

हर महीने 3500 किराया दो और खोल लो सड़क पर दुकान

भोपाल (नप्र)। ‘यहां दुकान लगाना है तो नगर निगम की परमिशन की जरूरत नहीं है, बस पवन राजपूत से बात कर लीजिए। वे चाहेंगे, तभी यहां आपकी दुकान लग सकती है। आपके पास गुमठी नहीं हो तो फिक्र की बात नही है। यहीं रखी खाली गुमठियों को महीने के साढ़े तीन हजार के किराए में ले सकते हैं। यहां न नगर निगम की कार्रवाई की चिंता है और न ही किसी को पैसे देने की।’

भरत नगर स्थित श्वेता कॉम्प्लेक्स के पास सड़क के किनारे बिना अनुमति जमे दुकानदारों ने यह बात नवदुनिया संवाददाता से कही। यहां तो बीजेपी से जुड़े लोग ही इस काम को अंजाम दे रहे हैं। यहां पंचर की दुकान पर काम कर रहे एक युवक ने बताया कि यहां क्या, इस इलाके में आप कहीं भी गुमठी नहीं रख सकते। हां, अगर पवन राजपूत से बात कर लें तो बात बन सकती है। या फिर अध्यक्ष, क्षेत्रीय विधायक या निगम के बड़े अधिकारी बोल दें तो कोई समस्या नहीं होगी। कुछ ऐसे ही हालात एमपी नगर, न्यूमार्केट, 12 नंबर समेत शहर के अन्य इलाकों में है। यहां लंबे समय से रातों-रात सड़क किनारे अवैध अतिक्रमण का खेल चल रहा है।

यह है पवन…बीजेपी नेताओं से जुड़े हैं तार

पवन की फेसबुक फ्रैंड लिस्ट में स्थानीय पार्षद व निगम अध्यक्ष सुरजीत सिंह चौहान भी शामिल हैं। प्रोफाइल में खुद को बीजेपी युवा मित्र का सदस्य लिख रखा है। इसके अलावा कई बड़े नेताओं के साथ खींची गई फोटो भी फेसबुक पर अपलोड हैं। हालांकि जब इस संबंध में नवदुनिया ने पवन से बात की कि वे यहां दुकान रखवाने के कितने पैसे लेंगे तो उन्होंने साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मैं कैसे दिलवा सकता हूं। उन्होंने खाली रखी गुमठियों को किराए से देने के लिए भी मना कर दिया।

यह गुमठी बिकाऊ है

12 नंबर इलाके में गुमठियों की खरीदी-बिक्री चल रही है। यहां एक गुमठी पर बकायादा नंबर लिखकर बेचने के लिए रखा गया है। लिखे गए नंबर पर बात की गई तो गुमठी मालिक ने बताया कि 35 हजार में गुमठी तो बिकाऊ है लेकिन जगह खुद ही ढूंढना होगी। जगह मांगने पर बताया कि इसकी व्यवस्था भी कर दी जाएगी, लेकिन अलग से पैसे खर्च करने होंगे।

नगर निगम के अधिकारियों को देते हैं 120 रुपए

एमपी नगर जोन वन और बोर्ड ऑफिस के सामने फुटपाथ और फुटपाथ के बगल में दुकान लगाने वाले व्यापारियों ने बताया कि वह रोजाना नगर निगम अमले को 120 रुपए देते हैं। जबकि रसीद सिर्फ 20 रुपए की दी जा रही है। यही वजह है कि उनकी दुकान हटाने के लिए कोई नहीं आता। उनका कहना है कि यहां दुकान रखने के लिए नगर निगम से सेटिंग करनी पड़ती है।

एक जगह से हटाए तो दूसरी जगह जमा दिए

एमपी नगर जोन वन में दर्जनभर गुमठियों पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटा दिए। फिर शाम को ही बोर्ड ऑफिस के पास इन्हें शिफ्ट कर दिया गया। वहीं दूसरे दिन नगर निगम के अमले ने बाबा नगर में अभियान चलाया, लेकिन यहां सिर्फ 6 झुग्गीवासियों को आवासों में शिफ्ट कराया। जबकि यहां बड़ी संख्या में नई झुग्गियां तन गई हैं, लेकिन अमले ने सिर्फ चार झुग्गियों को हटाने की ही कार्रवाई की।

यह है कारण…अतिक्रमण मुहिम में रोड़ा बने एक विधायक

बताया जाता है कि बोर्ड ऑफिस के पास जैसे ही अतिक्रमण हटाने की शुरुआत हुई, एक विधायक का फोन आया। इससे बाद अमले ने करीब एक दर्जन गुमठियों को हटाकर बोर्ड ऑफिस के पास शिफ्ट कर दिया गया। विधायक के दबाव के आगे निगम प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पा रहा है। 31 मई से बड़े स्तर पर अतिक्रमण विरोधी मुहिम शुरू होना है। वहीं, जनवरी में हुई कार्रवाई में भी विधायक सुरेंद्रनाथ सिंह ने विरोध किया था।

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जल्द हटाएंगे अतिक्रमण

एमपी नगर जोन वन में किसी को गुमठी लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। बोर्ड ऑफिस के पास जो शिफ्टिंग की गई है वह अस्थाई है। इन्हें जल्द हटाया जाएगा। बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू हुई है, जो लगातार चलेगी।

– रमाकांत शुक्ला, प्रभारी अतिक्रमण अधिकारी

कोई भी हो अतिक्रमण हटना चाहिए

मैं किसी पवन राजपूत को नहीं जानता, रही बात फेसबुक में तो हजारों लोग जुड़े हैं। मैंने तो खुद बाबा नगर के हाईटेंशन लाइन के नीचे नई झुग्गियों और हनुमान टेकरी में हो रहे अतिक्रमण को हटाने के लिए कहा है। शहर अतिक्रमण मुक्त होना चाहिए।

– सुरजीत सिंह चौहान, निगम परिषद अध्यक्ष

किसी को बख्शा नहीं जाएगा

जिला प्रशासन शहर में अतिक्रमण मुहिम चला रहा है। इसमें नगर निगम पूरा सहयोग कर रहा है। जो भी निर्माण अतिक्रमण के दायरे में आएंगे, उन्हें हटाया जाना चाहिए। अतिक्रमणकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।

– आलोक शर्मा, महापौर

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