निगम ने पुलिस की नहीं सुनी, फिर भरेगा सड़कों पर पानी, रुकेगा घंटों तक ट्रैफिक

Jun 27, 2016

निगम ने पुलिस की नहीं सुनी, फिर भरेगा सड़कों पर पानी, रुकेगा घंटों तक ट्रैफिक

भोपाल। नवदुनिया न्यूज

मानसून ने भी आमद दे दी। आने वाले दिनों शहर में झमाझम का दौर शुरू होगा। साथ ही शुरू हो जाएगा सड़कों पर पानी भरने का सिलसिला, जो शहर के लोगों को घंटों ट्रैफिक जाम से जूझने पर मजबूर कर देगा। इसे लेकर ट्रैफिक पुलिस को अभी से चिंता सताने लगी है, क्योंकि ट्रैफिक् जाम जैसे हालात से निपटने के लिए कड़ी मशक्कत करनी होगी। लिहाजा, पुलिस ने ऐसे इलाकों में जलभराव को रोकने के लिए नगर निगम को एक बार फिर पत्र लिखा है। हर बार की तरह निगम ने कोई कार्रवाई नहीं की। यही नहीं, इस बार नालों की सफाई में भी खानापूर्ति हुई है।

नगर निगम प्रशासन ने शहर के ऐसे स्थानों पर जल निकास की व्यवस्था नहीं की है, जहां हर साल महज एक घंटे की तेज बरसात में सड़कें पानी में डूब जाती हैं। इससे उस सड़क के साथ आसपास के इलाकों में भी ट्रैफिक जाम होने लगता है। सैकड़ों वाहनों के फंसने से अफरा-तफरी की स्थिति बन जाती है। ताज्जुब की बात यह है कि एक वर्ष पहले तत्कालीन एएसपी (ट्रैफिक) शालिनी दीक्षित ने सर्वे करने के बाद शहर के ऐसे स्थान चि-ति किए थे, जो बरसात में ट्रैफिक जाम की वजह बनते थे। उन्होंने इन जलभराव क्षेत्र में जल निकासी की व्यवस्था करने को लेकर भी नगर निगम प्रशासन को पत्र लिखा था। हालांकि निगम प्रशासन पर इसका कोई असर नहीं हुआ। आज भी वे स्थान पूर्ववत्‌ ही हैं।

यहां होती है मुसीबत

– बोर्ड ऑफिस चौराहा से ज्याति टॉकीज चौराहा की तरफ जाने वाली मुख्य सड़क।

– हबीबगंज अंडर ब्रिज (फिलहाल ट्रैफिक के लिए बंद है)

– रंगमहल चौराहा के पास।

– प्रशासन अकादमी के सामने और आईकफ आश्रम वाली रोड

– 1100 क्वार्टर्स हनुमान मंदिर के पास

– भोपाल टॉकीज से चौकी इमामबाड़ा जाने वाली रोड

– बीआरटीएस के प्रमुख चौराहों पर बने पैडेस्ट्रियन क्रॉसिंग (खासकर लिंक रोड नंबर 1)

– लिली टॉकीज के सामने नीलम पार्क चौराहा

– सिंधी कॉलोनी चौराहा

– बाणगंगा चौराहा

– पुराना सैफिया कॉलेज रोड

– अशोका गार्डन स्थित सब्जी मंडी वाला चौराहा।

निगम को फिर देंगे सूची

शहर के ऐसे स्थान, जहां पर बरसात का पानी इकट्ठा होता है। उनकी सूची बनाकर नगर निगम प्रशासन को फिर सौंपी जाएगी, ताकि समस्या का हल हो सके। इससे बरसात के दौरान ट्रैफिक भी सुचारू रूप से चल सकेगा। – समीर यादव, एएसपी (ट्रैफिक)

ज्योति टॉकीज वाला काम बड़ा है। इसके लिए डिजाइन तैयार हो रही है। बाकी जगह भी निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था तैयार की है। अमृत योजना में सीवेज नेटवर्क तैयार होना है। थोड़ा वक्त तो लगेगा।

आलोक शर्मा, महापौर

**********************************************

फिर कहर बरपाएंगे शहर के नाले, नहीं हुई सफाई

भोपाल। नवदुनिया न्यूज

नगर निगम की लापरवाही का खामियाजा इस बार फिर शहर के लोगों को भुगतना पड़ेगा। अब तक शहर के ज्यादातर नालों की सफाई ही नहीं की गई। इस कारण तेज बारिश के दौरान इनका पानी घरों में घुसने की पूरी-पूरी आशंका है।

हर साल थोड़ी देर की तेज बारिश में नाले ओवरफ्लो होने लगते हैं। इस बार भी ऐसे नालों की सफाई नहीं हुई। यानी इस बार भी यह नाले उफनेंगे।

समीक्षा बैठकों का नतीजा सिफर – महापौर आलोक शर्मा और निगम आयुक्त छवि भारद्वाज ने भी हाल में नालों का निरीक्षण किया था। इनकी सफाई को लेकर बैठकें भी हुई। इसके बावजूद 50 प्रतिशत से भी ज्यादा नालों की स्थिति जस की तस है। खानापूर्ति करने के लिए शहर के जिन नालों की सफाई की गई उनका मलमा और गाद नाले के किनारे ही पटक दी गई। इस कारण थाड़ी बारिश के बाद ही यह वापस नाले में गिर गई। जिससे स्थिति पहले जैसी ही हो गई। थोड़ी बारिश में ही इनमें पानी भरने लगता है।

ऐसे हैं हालात – कोलार कॉलोनी से बिट्टन मार्केट की ओर जाने वाली रोड पर पड़ने वाले नाले की स्थिति वैसी ही है। इसमें कचरा तो जमा है ही साथ ही काफी वनस्पति भी लगी है। यही हाल साईंनाथ और महाबली नगर से गुजरने वाले नाले का भी है। शिवाजी नगर क्षेत्र में भी नाले की सफाई नहीं की गई। अशोका गार्डन आदि क्षेत्रों में भी नाले की सफाई नहीं हुई।

शहर के ज्यादातर नालों की सफाई हो चुकी है। कुछ ही नाले होंगे जहां रोजाना का कचरा आता है और सफाई नहीं हुई होगी। 90 प्रतिशत से भी ज्यादा नाले साफ हो चुके हैं। जो बचे हैं उनकी भी की जाएगी।

– छवि भारद्वाज, आयुक्त, नगर निगम

लाइक करें:-
कमेंट करें :-
 

संबंधित ख़बरें

वायरल वीडियो

और पढ़ें >>

मनोरंजन

और पढ़ें >>
और पढ़ें >>